सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से मारपीट पर भड़के विधायक: ई आईपी गुप्ता बोले- 'डॉक्टरों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं, दर्ज हो FIR'

सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ मारपीट और धमकी की घटना से विधायक ई. पी. गुप्ता भड़क गए हैं. उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए अस्पताल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. विधायक ने कहा है कि डॉक्टरों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए.

सहरसा. सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार और धमकी की घटना को लेकर सहरसा सदर विधायक ई. पी. गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है. विधायक ने घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया और जिला प्रशासन से मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

अस्पताल में पत्रकार के साथ व्यवहार को बताया अस्वीकार्य

विधायक ई. पी. गुप्ता ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों की कथित तानाशाही और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. पत्रकार समाज और व्यवस्था के सामने सच्चाई लाने का काम करते हैं और उनके साथ हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

मिड-डे मील से बीमार बच्चों की रिपोर्टिंग के दौरान घटना का आरोप

विधायक ने कहा कि मिड-डे मील खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों के सदर अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर पत्रकार अभिषेक कुमार समाचार संकलन के लिए अस्पताल पहुंचे थे. रिपोर्टिंग के दौरान प्रभारी चिकित्सक डॉ. एसके आजाद सहित अन्य डॉक्टरों और कर्मियों पर पत्रकार के साथ गाली-गलौज, मारपीट, मोबाइल और माइक तोड़ने, कमरे में बंद करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है.

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच की मांग

विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को जरूरी बताया. उन्होंने जिला प्रशासन, एसपी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सदर अस्पताल परिसर, इमरजेंसी तथा ओटी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने और उसके आधार पर जांच कराने की मांग की.

उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

आरोपित चिकित्सकों और अन्य लोगों पर एफआईआर की मांग

ई. पी. गुप्ता ने कहा कि जिन चिकित्सकों और अन्य लोगों पर घटना में शामिल होने के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. साथ ही जिले में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उन्होंने जिला प्रशासन से की.

न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

विधायक ने स्पष्ट कहा कि यदि पीड़ित पत्रकार को न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई नहीं हुई तो वे चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि पत्रकार के न्याय की लड़ाई को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जायेगा.

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By Vinay Kumar Mishra

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