फोटो - सहरसा - समाहरणालय पर प्रदर्शन करते बच्चे | Prabhat Khabar Network

सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज के मेस में शाकाहारी खाने में 'मछली'? छात्रों का डीएम दफ्तर पर हंगामा

सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने प्राचार्य पर दुर्व्यवहार और मेस में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया. पनीर की सब्जी में मछली मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा फूटा, डीएम से शिकायत की गई.

Saharsa News: बिहार के सहरसा स्थित सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सोमवार को उस समय भारी बवंडर खड़ा हो गया जब सैकड़ों छात्र पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतर आए. मेस के खाने में गड़बड़ी से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते प्रशासनिक तानाशाही, मानसिक उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं के महासंग्राम में बदल गया. राधाष्टमी के पवित्र अवसर पर मेस में बनी पनीर की सब्जी में कथित तौर पर मछली का टुकड़ा मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. जब छात्र इस गंभीर लापरवाही की शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे तो आरोप है कि राहत मिलने के बजाय एक छात्र को धक्का देकर चैंबर से बाहर निकाल दिया गया. इसके बाद आक्रोशित छात्र समाहरणालय पहुंच गए और घंटों धरना देकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

राधाष्टमी की थाली में विवाद और रोते हुए मैदान में बैठा छात्र

मामले की शुरुआत राधाष्टमी के दिन हॉस्टल मेस से हुई. फाइनल ईयर के छात्र अमन राज के अनुसार, पर्व के अवसर पर सभी छात्रों के लिए मेस में विशेष रूप से पनीर की सब्जी बनाई गई थी. हॉस्टल में रहने वाले कई छात्र व्रत-त्योहार का पालन कर रहे थे और शुद्ध शाकाहारी भोजन की उम्मीद में थे. जब छात्र खाना खा रहे थे तभी पनीर की सब्जी में मछली का टुकड़ा मिलने का दावा किया गया. इस घटना से धार्मिक भावनाएं आहत होने पर 2021-25 बैच का छात्र नीतीश शिकायत लेकर प्राचार्य रामचंद्र प्रसाद के चैंबर में गया. छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने मेस वेंडर पर कार्रवाई करने के बजाय नीतीश को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बदसलूकी की और धक्का मारकर चैंबर से बाहर निकाल दिया. आहत छात्र जब रोते हुए मैदान में बैठ गया तो अन्य सभी विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूट गया.

समाहरणालय पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, डीएम के वाहन को घेरा

प्राचार्य के कथित रवैये से आक्रोशित सैकड़ों छात्र एकजुट होकर समाहरणालय परिसर पहुंच गए और मुख्य द्वार पर धरना दे दिया. छात्र दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और प्राचार्य की तानाशाही समाप्त करने की मांग पर अड़े रहे. भोजनावकाश के समय जब जिलाधिकारी दीपेश कुमार बाहर निकलने लगे तो प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनके वाहन को चारों तरफ से घेर लिया. स्थिति को बिगड़ता देख ओएसडी राजू कुमार और सदर एसडीएम श्रीयांश तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए. अंततः सुरक्षा और हंगामे को देखते हुए जिलाधिकारी दूसरे दरवाजे से बाहर निकले और अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ लंबी वार्ता कर मामले को शांत कराया.

टीसी काटने की धमकी और लाखों रुपये के घोटाले का संगीन आरोप

समाहरणालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर केवल भोजन की खराब गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि कई गंभीर आरोप भी मढ़े. छात्रों ने बताया कि जो भी छात्र अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) काटकर करियर बर्बाद करने और हॉस्टल से निष्कासित करने की धमकी दी जाती है. इतना ही नहीं, पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में अभिभावकों के शामिल न हो पाने जैसी छोटी-छोटी बातों को ढाल बनाकर छात्रों को हॉस्टल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है. इसके अलावा, मेस और हॉस्टल वार्डन पर वित्तीय धांधली का आरोप लगाते हुए छात्रों ने कहा कि छुट्टियों के दौरान का मेस शुल्क न तो रिफंड किया जाता है और न ही एडजस्ट किया जाता है. करीब तीन से चार लाख रुपये के हिसाब-किताब में हेरफेर का गंभीर आरोप भी लगाया गया है.

प्राचार्य का पलटवार: 'राजनीति कर रहे हैं उपद्रवी छात्र, पनीर का जला टुकड़ा था'

दूसरी ओर, इन तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कॉलेज के प्राचार्य रामचंद्र प्रसाद ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कुछ बच्चे संस्थान में पढ़ाई करने के बजाय राजनीति में लगे रहते हैं और माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं. रविवार की रात मेस में एक इलेक्ट्रीशियन खाना खा रहा था. पनीर भूनने के दौरान जला हुआ एक छोटा सा हिस्सा इलेक्ट्रीशियन की थाली में चला गया था. जब वह उसे देख रहा था तब अमन और धर्मवीर नाम के छात्रों ने उसे मछली का टुकड़ा बताकर अफवाह फैला दी और हंगामा खड़ा कर दिया. प्राचार्य के अनुसार, ये छात्र पहले से ही अनुशासनहीनता के मामलों में शामिल रहे हैं और इन्हें हॉस्टल से भी निकाला जा चुका है.

Saharsa News: प्रशासनिक जवाबदेही और आगे की स्थिति

फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने पूरे घटनाक्रम और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है. ओएसडी और एसडीएम द्वारा छात्रों से की गई बातचीत के बाद भले ही तात्कालिक रूप से धरना समाप्त हो गया हो, लेकिन छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि मेस वेंडर और प्रताड़ना देने वाले अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन के लिए विवश होंगे. प्राचार्य ने कहा है कि वे जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर पूरा सच सामने रखेंगे. अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या जांच बिठाता है और छात्रों को न्याय कैसे मिलता है.

फोटो - सहरसा - समाहरणालय पर प्रदर्शन करते बच्चे | Prabhat Khabar Network

Also Read: जमुई वायरल वीडियो पर उमेश कुशवाहा बोले- दोषी कितने भी बड़े हों, पुलिस के कब्जे में आएंगे, मंत्री सुनील कुमार ने कही ये बात

Also Read: बिहार में करम पूजा के दौरान हादसा : पोखर में नहाने गये 6 बच्चों की डूबकर मौत, एक को बचाने में सभी डूबे

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar Mishra

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >