Saharsa News: सहरसा से दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 सितंबर को होने वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ‘बदलाव रैली’ को लेकर सहरसा में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. रैली में शामिल होने के लिए रविवार को जिले से एक हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ.
दिल्ली रवाना होने से पहले पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और देश में राजनीतिक तथा सामाजिक बदलाव की जरूरत बताई. नेताओं ने कहा कि दिल्ली में होने वाली रैली के जरिए किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा.
1 सितंबर को रामलीला मैदान में जुटेंगे कार्यकर्ता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल बदलाव रैली आयोजित की जा रही है.
पार्टी नेताओं के अनुसार सहरसा सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, बुद्धिजीवी और व्यापारी इस रैली में पहुंचेंगे.
सहरसा से एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दिल्ली रवाना होना स्थानीय स्तर पर पार्टी की तैयारियों और रैली के प्रति उसके समर्थन को दर्शाता है.
ओमप्रकाश नारायण बोले- विकास की नई आस के लिए बदलाव जरूरी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि देश में विकास की नई आस के लिए बदलाव जरूरी है.
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन नीतियों से लोकतंत्र, संविधान, संघीय ढांचे, गंगा-जमुनी संस्कृति, भाईचारे और आजादी की विरासत के सामने खतरा पैदा हुआ है.
उनका कहना था कि देश आजादी के बाद के गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि भारत किस तरह का गणराज्य बना रहेगा.
लोकतांत्रिक संस्थाओं और अर्थव्यवस्था पर उठाए सवाल
ओमप्रकाश नारायण ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और आर्थिक संकट भी गंभीर बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का असर किसानों, मजदूरों और छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है.
उन्होंने अमेरिका की व्यापार नीति और भारत के साथ हुए समझौतों का भी जिक्र किया. उनके अनुसार इन नीतियों का असर देश की खेती-किसानी और उद्योग पर पड़ा है.
हालांकि ये आरोप पार्टी और उसके नेताओं के राजनीतिक मत हैं.
‘मेक इन इंडिया’ को लेकर भी सरकार पर निशाना
सीपीआई नेता ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इसका जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका है.
उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए.
पार्टी का कहना है कि बदलाव रैली के जरिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा.
सहरसा से क्यों जुटे इतने कार्यकर्ता?
पार्टी नेताओं ने कहा कि दिल्ली की रैली सिर्फ राजधानी में भीड़ जुटाने का कार्यक्रम नहीं है. इसका उद्देश्य देश में राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की मांग को मजबूती से सामने रखना है.
सहरसा से रवाना हुए कार्यकर्ताओं में पार्टी समर्थकों के साथ अलग-अलग वर्गों से जुड़े लोग भी शामिल रहे. नेताओं ने कहा कि किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और अन्य सामाजिक समूहों से जुड़े सवालों को रैली में प्रमुखता से उठाया जाएगा.
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का दावा
ओमप्रकाश नारायण ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है.
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से दिल्ली की रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने और देश के सामने मौजूद मुद्दों को मजबूती से उठाने की अपील की.
Saharsa News: इन नेताओं ने संभाली जत्थे की कमान
दिल्ली रवाना होने वाले कार्यकर्ताओं के जत्थे का नेतृत्व पार्टी के जिला सचिव परमानंद ठाकुर, राज्य परिषद सदस्य विजय कुमार यादव, उमेश पोद्दार, सहायक जिला सचिव अमर कुमार पप्पू, उमेश चौधरी, सुरेंद्र महतो, राजाजी भगत, राजकुमार चौधरी, बिंदेश्वरी साहनी, चंद किशोर भगत, प्रभु लाल दास और शंकर कुमार सहित अन्य नेताओं ने किया.
इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.
अब सभी की नजर 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘बदलाव रैली’ पर है. सहरसा से रवाना हुआ एक हजार से अधिक लोगों का जत्था इस रैली में स्थानीय भागीदारी को मजबूत करेगा. रैली के दौरान पार्टी किन मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से उठाती है और उसका राजनीतिक असर कितना व्यापक होता है, यह देखने वाली बात होगी.
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