Saharsa News: सहरसा शहर के बंगाली बाजार रेलवे फाटक संख्या-31 को आगे शिफ्ट करने की संभावना तेज होती दिख रही है. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO) नॉर्थ कंस्ट्रक्शन शैलेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को रेलवे फाटक और बंगाली बाजार से थाना चौक तक बन रही एप्रोच रोड का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ फाटक संख्या-31 को आगे स्थानांतरित करने के विकल्पों पर चर्चा की और निर्माण कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया.
रेलवे फाटक शिफ्ट करने की संभावना पर मंथन
निरीक्षण के दौरान सीएओ शैलेंद्र प्रसाद ने रेलवे फाटक संख्या-31 की वर्तमान स्थिति और यातायात व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली. अधिकारियों के साथ उन्होंने इस बात पर विस्तार से चर्चा की कि फाटक को आगे शिफ्ट करने से आवागमन, सुरक्षा और भविष्य की रेलवे परियोजनाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
हालांकि अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई, लेकिन निरीक्षण के बाद यह संकेत जरूर मिला कि इस प्रस्ताव पर गंभीर स्तर पर विचार किया जा रहा है.
एप्रोच रोड निर्माण कार्य की प्रगति पर जताया संतोष
सीएओ ने बंगाली बाजार से थाना चौक तक बन रही एप्रोच रोड का भी निरीक्षण किया. उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की.
उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके.
शहर के ट्रैफिक पर पड़ सकता है असर
बंगाली बाजार रेलवे फाटक सहरसा शहर के व्यस्त इलाकों में से एक है. यहां अक्सर रेलवे फाटक बंद रहने के कारण लंबा जाम लग जाता है और थाना चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होता है.
यदि रेलवे फाटक संख्या-31 को आगे शिफ्ट किया जाता है और एप्रोच रोड का निर्माण समय पर पूरा होता है, तो शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार और लोगों के आवागमन में सुविधा मिलने की संभावना बढ़ सकती है.
Saharsa News: निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान रेलवे के विभिन्न विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद रहे. खबर लिखे जाने तक सीएओ का निरीक्षण जारी था और तकनीकी बिंदुओं पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली जा रही थी.
स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि रेलवे फाटक और एप्रोच रोड से जुड़ी परियोजना में तेजी आएगी, जिससे लंबे समय से चली आ रही यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा.
