सहरसा जिला विधिवेत्ता संघ में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कथित रूप से जाली वकालतनामा और बंध पत्र तैयार कर बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को संघ के पदाधिकारियों ने पकड़ लिया. आरोपी को बाद में सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया. संघ के महासचिव कृष्ण मुरारी प्रसाद ने सदर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
गुप्त सूचना पर अधिवक्ता संघ ने की कार्रवाई
संघ के महासचिव की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे संघ को जाली प्रपत्र तैयार कर बेचने की सूचना मिली थी. इसके बाद संघ के कर्मचारी चंदन कुमार उर्फ पिंटू और पदाधिकारी वरीय अधिवक्ता उपेंद्र झा के टेबल पर पहुंचे. वहां मौजूद अधिवक्ताओं के बीच ज्योतिष चंद्र झा, पिता स्व. लक्ष्मीकांत झा, निवासी रमेश झा रोड, वार्ड संख्या 31 को उसके बैग के साथ पकड़ा गया.
बैग से मिले 58 जाली बंध पत्र और 22 वकालतनामा
संघ का आरोप है कि जांच के दौरान ज्योतिष चंद्र झा के बैग से थाना सोनवर्षा राज, जिला सहरसा के नाम से तैयार 58 प्रति कथित जाली बंध पत्र बरामद हुए. इसके अलावा टिकट लगे 22 कथित जाली वकालतनामा भी मिलने की बात आवेदन में कही गयी है. संघ के पदाधिकारियों ने बरामद सभी प्रपत्रों को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के साथ पुलिस को सौंप दिया.
मोबाइल में मिले संघ के प्रपत्रों के स्कैन होने का दावा
आवेदन में यह भी कहा गया है कि पकड़े गये व्यक्ति के मोबाइल फोन में संघ के प्रपत्रों के स्कैन मौजूद थे. इसके अलावा उसके पास से कथित जाली प्रपत्र और पर्स से 900 रुपये नकद बरामद होने की बात कही गयी है. संघ के पदाधिकारियों ने बरामद सामान को मामले की जांच के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया.
पहले भी बड़ी संख्या में जाली प्रपत्र बेचने का आरोप
विधिवेत्ता संघ ने आशंका जतायी है कि आरोपी द्वारा इससे पहले भी बड़ी संख्या में कथित जाली प्रपत्र तैयार कर बेचे जा चुके हैं. संघ का कहना है कि इस तरह के फर्जी प्रपत्रों के इस्तेमाल से अधिवक्ता कल्याण मद में जमा होने वाली लाखों रुपये की राशि को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
संघ ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की मांग की
महासचिव कृष्ण मुरारी प्रसाद ने सदर थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में पूरे मामले को गंभीर अपराध बताते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने पुलिस से बरामद प्रपत्रों, मोबाइल में मिले स्कैन और अन्य सामान की जांच कर मामले में शामिल लोगों की पहचान करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरे मामले की तस्वीर
फिलहाल संघ की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर आरोपी को पुलिस के हवाले किया गया है. मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित जाली प्रपत्र कहां तैयार किए गए, कितने प्रपत्र बेचे गए और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका है या नहीं.
