सिमराहा ढाला के पास 50 एकड़ खेत जलमग्न, किसानों का धरना

इस स्थिति से आक्रोशित होकर सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने अपने खेतों में ही धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:

सहरसा: शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए पॉलिटेक्निक ढाला के समीप बने पंप हाउस से छोड़े जा रहे पानी के कारण सिमराहा ढाला के उत्तर एवं दक्षिण क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लगातार गंदे पानी के जमाव से करीब 50 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई है.

इस स्थिति से आक्रोशित होकर सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने अपने खेतों में ही धरना-प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.

स्थानीय किसानों प्रो. रामशरण यादव, संजय कुमार, दिलीप यादव और बालकिशोर यादव ने बताया कि यह समस्या केवल फसल नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार गंदा पानी जमा रहने से पूरा क्षेत्र प्रदूषित हो गया है. इसके कारण आसपास के जलस्रोत भी दूषित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है.

किसानों ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में अच्छी खेती होती थी. बाग-बगीचे और पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध रहता था, जिससे जीवनयापन सुचारू रूप से चलता था. लेकिन अब खेतों में गंदा पानी जमा होने से खेती पूरी तरह प्रभावित हो गई है.

धरना दे रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

इस प्रदर्शन में श्याम सुंदर यादव, गोपाल कुमार, पप्पू कुमार यादव, अभय यादव, मुकेश कुमार, राजकुमार यादव, छोटेलाल यादव, सोने लाल यादव, जयशंकर यादव, संजीव यादव, उमेश कुमार, जितेंद्र कुमार यादव, चानो यादव, ओमप्रकाश, भीम यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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