सहरसा से विनय कुमार मिश्र:
सहरसा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को गंगजला स्थित देव रिसोर्ट में प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में समाज में सकारात्मक परिवर्तन को लेकर “पंच परिवर्तन” अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई.
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ. एके चौधरी, जिला संघचालक शतीश चंद्र वर्मा तथा उत्तर बिहार के सह प्रांत प्रचारक प्रवीर कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इस अवसर पर सह प्रांत प्रचारक प्रवीर कुमार ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष पर “पंच परिवर्तन” के माध्यम से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन जैसे पांच प्रमुख आयाम शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि स्वदेशी के भाव से नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे. नागरिक कर्तव्य बोध से कानून का पालन मजबूत होगा, जिससे राष्ट्र प्रगति की ओर अग्रसर होगा. वहीं सामाजिक समरसता से जातिगत भेदभाव कम होगा और समाज में सद्भाव बढ़ेगा.
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जीवन के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे प्रकृति का संतुलन बना रहेगा. कुटुंब प्रबोधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ करना आज की आवश्यकता है, जिससे बच्चों में संस्कार और सामाजिक मूल्यों का विकास हो सके.
उन्होंने यह भी कहा कि 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2025 में अपने 100 वर्ष पूरे किए हैं. संगठन का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और हिंदू समाज के संगठन को मजबूत करना रहा है.
कार्यक्रम में ई. रामेश्वर ठाकुर, उमाशंकर खां, हरिशेखर मिश्र, महापौर बेन प्रिया, प्रो. विनय कुमार चौधरी, रणधीर सिन्हा, श्रवण कुमार, सुरेश प्रसाद, रमेश चंद्र यादव, विजय वसंत, शिवभूषण सिंह, मेजर हरेंद्र सिंह, पारस कुमार झा, रिंकी देवी, सुमित कुमार, रणधीर भगत, ज्ञान प्रकाश दत्त, बालाजी, रमण कुमार झा, संतोष कुमार झा, रंजीत दास, अमित कुमार, मेजर अमित प्रियदर्शी, विवेक विशाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
