सोनवर्षाराज (सहरसा) से अमित राठौड़ की रिपोर्ट:
सहरसा: प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में बनाए गए पंचायत सरकार भवन अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. कहीं ये भवन केवल शिविर के दिनों में सक्रिय दिखते हैं, तो कहीं थाना संचालन में उपयोग हो रहे हैं और कहीं पूरी तरह झाड़ियों में घिरे पड़े हैं.
मंगवार पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में 19 मई को सहयोग शिविर का आयोजन होना है. इसे लेकर परिसर की साफ-सफाई, बैठक व्यवस्था और अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शिविर के दौरान भवन में एक बार फिर चहल-पहल देखने को मिलेगी.
वहीं काशनगर पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन की स्थिति अलग है. यहां मुखिया, पंचायत सचिव और कार्यपालक सहायक सहित अन्य कर्मियों के बैठने की व्यवस्था तो है, लेकिन लंबे समय से इसका उपयोग थाना संचालन के लिए किया जा रहा है. इससे भवन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है.
लगमा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन की स्थिति और भी खराब है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से ही यह भवन झाड़ियों और जंगलों से घिरा पड़ा है और अब तक इसका कोई उपयोग नहीं हो सका है.
गौरतलब है कि पंचायत सरकार भवनों का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना था, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े. लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह व्यवस्था अभी तक प्रभावी नहीं हो सकी है.
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग और प्रशासन इसकी नियमित मॉनिटरिंग में गंभीर नहीं हैं, या फिर ये भवन केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं.
