सहरसा : तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी आज गंभीर समस्या बनती जा रही है. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर होना भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से अभियंत्रण महाविद्यालय सहरसा में दो दिवसीय सहजयोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने किया.
इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि शिव नंदन प्रसाद का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया. मुख्य अतिथि शिव नंदन प्रसाद ने विद्यार्थियों को सहजयोग और अध्यात्म से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नियमित योग और आध्यात्मिक अभ्यास के माध्यम से मन को शांत रखते हुए तनाव पर नियंत्रण पाया जा सकता है.
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की अपील की. कहा कि स्वस्थ मन से ही विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित कर सकते हैं.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सहजयोग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की. आयोजन का उद्देश्य छात्रों में मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा. दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्त रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
इस अवसर पर स्टूडेंट इंडक्शन कार्यक्रम के पदाधिकारी प्रो. कृष्णा कुमार, डॉ. जेपी यादव सहित अन्य प्रोफेसर और महाविद्यालय कर्मी मौजूद थे. वरिष्ठ छात्र इष्ट राज, विक्रम सिंह समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.
