Saharsa News: बीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षा पास कर प्रधान शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए शिक्षकों के सामने विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी के साथ वेतन और सेवा से जुड़े कई सवाल अब भी बने हुए हैं. नियुक्ति को करीब एक वर्ष बीतने के बावजूद इन समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं होने से शिक्षकों में चिंता है. इसी को लेकर पतरघट प्रखंड के प्रधान शिक्षकों ने अब अपनी समस्याओं को संगठित तरीके से उठाने की तैयारी शुरू कर दी है.
नव प्राथमिक विद्यालय कपसिया में प्रधान शिक्षकों की बैठक आयोजित की गयी. इसमें प्रखंड क्षेत्र के कई प्रधान शिक्षक शामिल हुए. बैठक में नव नियुक्त प्रधान शिक्षकों के सामने आ रही वेतन विसंगति, सम्मानजनक वेतनमान समेत विभागीय और विद्यालय स्तर की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
बैठक के दौरान शिक्षकों ने कहा कि प्रधान शिक्षक केवल पढ़ाई की व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं. विद्यालय के संचालन, प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी समेत कई जिम्मेदारियां उन्हें निभानी पड़ रही हैं. ऐसे में वेतन और सेवा से जुड़ी विसंगतियों का समय पर समाधान होना जरूरी है.
करीब एक साल बाद भी समस्याओं के समाधान का इंतजार
प्रधान शिक्षकों ने बताया कि पद पर नियुक्ति के लगभग एक वर्ष बाद भी कई महत्वपूर्ण समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है. शिक्षकों के सामने वेतन विसंगति और सेवा संबंधी मामलों के साथ विभागीय स्तर की कई व्यवहारिक परेशानियां भी हैं.
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अलग-अलग स्तर पर समस्याएं उठाने के बजाय सभी प्रधान शिक्षक एक मंच पर आकर अपनी मांगों और समस्याओं को संबंधित विभाग तथा सक्षम पदाधिकारियों के समक्ष रखें. इससे समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से रखने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने में मदद मिल सकती है.
पतरघट में प्रधान शिक्षक संघ का गठन
बैठक में पतरघट प्रधान शिक्षक संघ के गठन को लेकर विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया. संघ के गठन का उद्देश्य प्रखंड के सभी प्रधान शिक्षकों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाना बताया गया.
नवनियुक्त सचिव रूपेश कुमार ने कहा कि फिलहाल पदाधिकारियों का मनोनयन सर्वसम्मति से किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर आगे संघ के पदाधिकारियों का संवैधानिक तरीके से चुनाव कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि संघ का प्रयास रहेगा कि प्रधान शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को संगठित तरीके से संबंधित विभाग और सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखा जाए और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाए.
शशिकांत शशि को प्रखंड संयोजक की जिम्मेदारी
प्रखंड संयोजक बनाये गये शशिकांत शशि ने कहा कि सभी प्रधान शिक्षकों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि संगठन तभी प्रभावी तरीके से अपनी बात रख सकेगा, जब सभी शिक्षक मिलकर साझा मुद्दों पर आगे बढ़ेंगे.
बैठक में सर्वसम्मति से शशिकांत शशि को प्रखंड संयोजक, तारिणी कुमार मंडल को अध्यक्ष, रूपेश कुमार को सचिव, बिनोद कुमार को सह सचिव, मीतू कुमारी को उपाध्यक्ष, विश्वजीत सिंह को कोषाध्यक्ष, प्रभाष कुमार को संगठन मंत्री, प्रेमलता कुमारी को महिला प्रकोष्ठ प्रभारी तथा डॉ. संजय कुमार को मीडिया प्रभारी बनाया गया.
अब विभागीय समस्याओं को संगठित तरीके से उठाने की तैयारी
नए संघ के गठन के बाद प्रधान शिक्षकों के सामने अगली चुनौती उनकी समस्याओं को संबंधित विभाग और अधिकारियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की होगी. वेतन विसंगति, सेवा संबंधी मामलों और विद्यालय संचालन से जुड़े मुद्दों पर संघ की ओर से आगे क्या पहल की जाती है, इस पर शिक्षकों की नजर रहेगी.
प्रधान शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से निभाने के लिए सेवा से जुड़ी समस्याओं का समाधान जरूरी है. संघ के गठन के बाद इन मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध होगा.
Saharsa News: इन शिक्षकों ने निभायी बैठक को सफल बनाने में भूमिका
बैठक को सफल बनाने में अनामिका कुमारी, कुमारी सिंपल, आशा कुमारी, रेखा देवी, राजीव कुमार, उदय कुमार, वेद प्रकाश, सिकंदर पासवान, राजेश रंजन, अशोक कुमार, दीपक कुमार, बिनोद कुमार सहित अन्य प्रधान शिक्षकों की भूमिका रही.
पतरघट में प्रधान शिक्षक संघ के गठन के साथ शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. अब संघ के पदाधिकारी विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को किस तरह आगे रखते हैं और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए क्या पहल होती है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा
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