सहरसा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर के दो दिवसीय सहरसा-मधेपुरा प्रवास के दौरान शुक्रवार को डीबी रोड स्थित पूजा बैंक्विट हॉल में सहरसा नगर का एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत योगासन से हुई. इसके बाद सामूहिक गीत, अमृत वचन और एकल गीत की प्रस्तुति दी गई. नगर कार्यवाह श्रवण कुमार ने मंचासीन पदाधिकारियों का परिचय कराया, जबकि नगर प्रचार प्रमुख आशुतोष ने कार्यक्रम का संचालन किया.
100 वर्षों से राष्ट्र सेवा में जुटा है संघ : रामदत्त चक्रधर
एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र साधना और सेवा कार्य में निरंतर लगा हुआ है. समाज के सहयोग और आशीर्वाद से संघ की यह यात्रा प्रेरणादायी रही है. उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विस्तार हो रहा है तथा भारतीय संस्कृति और हिंदू दर्शन की स्वीकार्यता देश-विदेश में बढ़ी है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में स्थापना के बाद 100 वर्षों में संघ में कभी विभाजन नहीं हुआ, जो संगठन की कार्यपद्धति और निरंतरता का प्रमाण है.
परिवार में पांच संस्कार अपनाने का किया आह्वान
रामदत्त चक्रधर ने कहा कि समाज परिवर्तन की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए. इसके लिए परिवारों में पांच संस्कारों को अपनाना आवश्यक है. उन्होंने 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर लगे प्रतिबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न जांचों में संघ के विरुद्ध कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ. वहीं, 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 67 हजार स्वयंसेवकों ने 18 महीने तक जेल में रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया.
हर प्रखंड, गांव और पंचायत तक पहुंचेगी शाखा
उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रत्येक प्रखंड, गांव और पंचायत तक शाखाएं पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.
कार्यक्रम में सहरसा नगर की सात शाखाओं और 20 बस्तियों से स्वयंसेवकों ने भाग लिया. इस अवसर पर विभाग प्रचारक सुमित, प्रांत प्रचारक प्रवीण, सह विभाग संचालक, नगर संचालक, जिला संचालक, प्रांत संवर्धन प्रमुख, प्रांत संपर्क प्रमुख विजय सहित जिला एवं नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे.
