'बढ़ती जनसंख्या वरदान या अभिशाप' पर छात्रों ने रखे दमदार तर्क, केंद्रीय विद्यालय में हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता

Population Debate : केंद्रीय विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 'बढ़ती जनसंख्या: वरदान या अभिशाप' विषय पर एक विचारोत्तेजक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. लगभग 75 छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और अपने तार्किक विचार प्रस्तुत किए. कार्यक्रम की प्राचार्य ने जनसंख्या को मानव संसाधन के रूप में प्रबंधित करने पर जोर दिया.

Population Debate : सहरसा के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में "बढ़ती हुई जनसंख्या : वरदान या अभिशाप" विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय और जिला स्कूल के करीब 75 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए.

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत हुआ आयोजन

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र नारायण जायसवाल ने किया. कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय के साथ जिला स्कूल के कक्षा 10 के लगभग 75 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

छात्रों ने रखे प्रभावशाली तर्क

वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने बढ़ती जनसंख्या के सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक पहलुओं पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए. पक्ष और विपक्ष में दिए गए तर्कों ने कार्यक्रम को रोचक और ज्ञानवर्धक बना दिया.

प्राचार्य बोलीं- जनसंख्या सबसे बड़ी ताकत भी बन सकती है

विद्यालय की प्राचार्य मोनिका पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनसंख्या अपने आप में अभिशाप नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन है. यदि इसका समुचित प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सही दिशा में उपयोग किया जाए तो यह देश के विकास की सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है. वहीं संसाधनों के उचित प्रबंधन के अभाव में यही जनसंख्या चुनौती का रूप भी ले सकती है.

बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित

प्राचार्य ने कक्षा 10 के विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने का संदेश दिया. उन्होंने विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व विकास के लिए कई उपयोगी सुझाव भी साझा किए.

शिक्षकों के सहयोग से सफल हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक सुमन कुमार यादव, जेपी शाह एवं राजीव रंजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा. अंत में प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, तार्किक क्षमता और व्यक्तित्व निर्माण के लिए बेहद उपयोगी बताया गया.


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