रेलवे गुदरी बाजार दुकानदार संघ के पुनर्वासित करने को लेकर डीएम को दिया ज्ञापन सहरसा. बंगाली बाजार सब्जी मंडी को नगर निगम क्षेत्र में पुनर्वासित करने को लेकर शुक्रवार को रेलवे गुदरी बाजार दुकानदार संघ के व्यवसायियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया. दिए ज्ञापन में कहा कि हर सुंदर व समृद्ध शहर में सरकार द्वारा सब्जी मंडी को भी स्थापित किया जाता है. जिससे शहर के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके व आवश्यक खाद्य सामग्री व किसानों को सही मूल्य उपलब्ध हो सके. दुर्भायवश रेलवे प्रशासन द्वारा उनलोगों को सहरसा रेलवे स्टेशन के आस पास किराया का जमीन उपलब्ध करायी गयी. जहां व्यापार कर अपने आश्रित परिवारों का जीवन यापन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. कई पीढ़ियों से रेलवे द्वारा प्रदत्त जमीन पर दुकान बनाकर आश्रित परिवारों का भरण-पोषण कर रहते रहे. जबकि रेलवे दुकानदारों से लगातार किराया लेकर किराया की रसीद भी प्रत्येक वर्ष दी जाती रही. इधर यात्रियों के आवाजाही को सुगम बनाने के लिए रेलवे एवं जिला प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस की जाती रही है. ऐसा ही एक नोटिस 2017 में जिला प्रशासन के द्वारा के द्वारा जारी किया गया था. वहीं 2023 में उसी तरह एक बार फिर जिला प्रशासन द्वारा संपूर्ण सब्जी मंडी व आढ़ती एवं दुकानदारों को विस्थापित कर सुपर बाजार में पुनर्वासित करने के लिए मौखिक आदेश दिया गया था. जिस पर दुकानदारों ने अपनी सहमति प्रदान की थी. पुनर्वासित के लिए नगर निगम की जमीन उपलब्ध कराई गयी थी. उस जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दुकानदारों का लगभग 10 लाख रुपये खर्च हुआ. लेकिन पुनर्वास की इस प्रक्रिया को जिला प्रशासन एवं नगर निगम के द्वारा रोक लगा दी गयी. अब फिर से 2025 में क्रमबद्ध एवं छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर हम दुकानदारों के रेलवे द्वारा खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है. पुनर्वास के वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान किए बिना ही दुकान नियमित समय से पहले खाली नहीं करने पर तोड़ने का आदेश दिया जा रहा है. जिस कारण सब्जी मंडी के सारे व्यापारी, किसान, लेबर, मजदूर, ठेला व एवं सब्जी की एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने वाले रिक्सा व सभी माल ढोने वाले माल वाहकों का भी आजीविका छीन जाने के कारण भुखमरी के शिकार होंगे. उन्होंने अनुरोध किया कि इस विषय को देखते बसाया जाये. आवेदन देने वालों में कैलाश प्रसाद, मनोज कुमार, मो जब्बार, अशोक कुमार, लोकेश कुमार भगत, योगेश कुमार, शंकर कुमार चौधरी, मनोज कुमार चौधरी, सोनू कुमार चौधरी, संजीव कुमार, राजेंद्र प्रसाद भगत, अर्जुन भगत, धीरज कुमार, नीरज कुमार, मो शमशेर आलम, अरशद रजा, मो मजहर, मोहम्मद कामरान उद्दीन, दशरथ महतो, रंजीत कुमार साह, शिवजी भगत, गुड्डू कुमार, उज्जवल भगत, मनीष कुमार, रामदेव भगत, संतोष कुमार पोद्दार सहित अन्य शामिल हैं.
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