Ugratara Mandir Mahishi: बिहार की पावन धरती पर स्थित सहरसा जिले के महिषी का नाम आते ही तंत्र साधना और मां उग्रतारा की असीम अनुकंपा का स्मरण हो उठता है. मिथिलांचल की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र कहे जाने वाले अति प्राचीन सिद्ध शक्ति पीठ उग्रतारा मंदिर में इस बार भी शारदीय नवरात्र के अवसर पर आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. महिषी मुख्यालय स्थित मंदिर परिसर के साधनालय भवन में जब ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, तो हर किसी के चेहरे पर उग्रतारा महोत्सव को लेकर एक अलग ही चमक नजर आई. इस बैठक में जहां चार दिवसीय भव्य मेले के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई, वहीं महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सर्वसम्मति से एक नई पूजा समिति का गठन भी किया गया.
साधनालय भवन में जुटी ग्रामीणों की चौपाल, सर्वसम्मति से बनी नई टीम
मां उग्रतारा मंदिर परिसर के साधनालय भवन में हुई यह बैठक केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि इसमें पूरे महिषी क्षेत्र की सांस्कृतिक एकजुटता झलक रही थी. वरिष्ठ नागरिक सह जाने-माने समाजसेवी नंद कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गांव के प्रबुद्ध जनों, पुजारियों और युवाओं ने हिस्सा लिया. बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष उग्रतारा महोत्सव और मेले को भव्य रूप देने के लिए एक मजबूत और समर्पित टीम की जरूरत है. लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से नंद कुमार चौधरी को ही पूजा समिति का नया अध्यक्ष चुना गया. वहीं अनिमेष कुमार मिश्र को सचिव और नंद झा को कोषाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई.
पुजारी और समाजसेवियों को मिली जिम्मेदारी, ऐसा है कार्यकारिणी का स्वरूप
पूजा समिति को हर वर्ग का सहयोग मिले, इसके लिए कार्यकारिणी का स्वरूप काफी विस्तृत और समावेशी बनाया गया है. मंदिर के मुख्य पुजारी अजित झा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन निर्विघ्न रूप से हो सके. इसके अलावा चुन्नू झा को उपसचिव तथा संदीप झा और अनमोल झा को उपकोषाध्यक्ष बनाया गया है. संगठन को मार्गदर्शन देने के लिए एक मजबूत संरक्षक मंडल का भी गठन किया गया है, जिसमें समाजसेवी नितिन ठाकुर, अजय मिश्र, पीनाक रंजन चौधरी, संजीव मिश्र और बोआ झा पंडा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. वहीं पूरे आयोजन में समन्वय बनाए रखने के लिए धनंजय झा को संयोजक की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सप्तमी से विजयादशमी तक सजेगा चार दिवसीय मेला, जगमगाएगा महिषी
नवगठित पूजा समिति के अध्यक्ष नंद कुमार चौधरी ने बताया कि उग्रतारा महोत्सव को निर्धारित समय पर भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान महासप्तमी तिथि से लेकर विजयादशमी तक यानी पूरे चार दिनों तक मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा. इस चार दिवसीय मेले में सहरसा ही नहीं, बल्कि सुपौल, मधेपुरा, दरभंगा और दूर-दराज के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां उग्रतारा के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंचते हैं.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा और प्रशासनिक सहयोग की जरूरत
उग्रतारा मंदिर में आयोजित होने वाला यह चार दिवसीय मेला केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी पड़ता है. मेले के दौरान सैकड़ों छोटे-छोटे दुकानदारों, खिलौना विक्रेताओं, चाट-पकौड़ी की दुकानों और स्थानीय कारीगरों को रोजगार का बड़ा अवसर मिलता है. दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा समिति अभी से ही पेयजल, रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर रही है. हालांकि इतने बड़े जनसैलाब को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग भी बेहद अनिवार्य होगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
Ugratara Mandir Mahishi: तैयारियों में जुटे ग्रामीण, मां के जयकारों से गूंजेगा शक्ति पीठ
पूजा समिति के गठन के बाद से ही पूरे महिषी इलाके में उत्सव जैसा माहौल बन गया है. नए पदाधिकारियों ने कार्यभार संभालते ही अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. जैसे-जैसे नवरात्र के दिन करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे मंदिर प्रांगण की साफ-सफाई और सजावट की योजनाएं आकार लेने लगी हैं. समिति के सदस्यों का कहना है कि इस बार उग्रतारा महोत्सव को पहले से भी अधिक आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया गया है, ताकि महिषी आने वाला हर श्रद्धालु मां उग्रतारा की कृपा और दिव्य अनुभव लेकर वापस लौटे.
