4 साल से देह व्यापर में फंसी थी 15 साल की लड़की, किसी तरह Dial 112 पर किया कॉल, फिर…

Saharsa: बीते चार साल से जबरन देह व्यापार के धंधे में फंसी एक 15 वर्षीय नाबालिग को जिला पुलिस की टीम ने देह व्यापार में संलिप्त दरिंदों की गिरफ्त से बाहर निकाला है. पुलिस को मिली सूचना के बाद सोमवार की देर रात जिले के एएसटीयू डीएसपी के नेतृत्व में टीम ने सदर थाना क्षेत्र के भारतीय नगर स्थित एक मकान से नाबालिग बच्ची को मुक्त करा लिया गया.

Saharsa: बच्ची को देह व्यापार की दलदल में धकेलने वाले एक बिचौलिया सिकंदर नट उर्फ सिराज नट को गिरफ्तार किया गया है. उसके बाद मंगलवार को एएसटीयू डीएसपी के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम, महिला हेल्पलाइन की टीम एवं कई पुलिस पदाधिकारी ने भारतीय नगर स्थित रेड लाइट एरिया पहुंचकर बच्ची के बरामदगी वाले मकान को सील कर दिया. साथ ही एक नाबालिग बच्चा को भी पूछताछ के लिए सदर थाना लाया गया. जहां मंगलवार को पूछताछ के बाद दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस को पकड़े गए बिचौलिया की भूमिका संदिग्ध दिख रही थी.

क्या बोले डीएसपी

बच्ची को देह व्यापार के धंधे से मुक्त कराने को लेकर मंगलवार को एएसटीयू डीएसपी कमलेश्वरी सिंह ने बताया कि सोमवार की देर शाम डायल 112 पर बच्ची ने कॉल कर जानकारी दी कि उससे जबरदस्ती मारपीट कर देह व्यापार कराया जा रहा है. उसे भारतीय नगर के एक मकान में छिपा कर रखा गया है. वे अपने माता-पिता के पास वापस जाना चाहती है. जिसकी सूचना के बाद उनके नेतृत्व में सदर थाना पुलिस टीम महिला हेल्पलाइन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के साथ छापेमारी को गयी. छापेमारी में एक मकान से 15 से 16 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची बरामद हुई. साथ ही मौके से बच्ची से जबरन देह व्यापार कराने वाले भारतीय नगर निवासी सिकंदर नट उर्फ सिराज नट को भी गिरफ्तार किया गया. साथ ही एक नाबालिग बच्चा को भी हिरासत में लिया गया था. वहीं मंगलवार को दंडाधिकारी की मौजूदगी में उक्त मकान को सील कर दिया गया.

पीड़ित बच्ची ने दी जानकारी

पूछताछ में बच्ची ने बताया कि चार-पांच वर्ष पूर्व वे अपने माता-पिता के साथ पटना आई थी. जहां ट्रेन में चढ़ने के दौरान माता-पिता का साथ छूट गया था. पटना रेलवे स्टेशन पर अकेली रो रही थी. इस दौरान एक युवक ने सहायता का प्रलोभन देते उसने घर का झाड़ू पोछा लगाने के काम दिलाने के बहाने पहले सीतामढ़ी जिले के इस्लामपुर स्थित रेड लाइट इलाका ले गया. जहां देह व्यापार के धंधे में बिचौलिया का काम कर रहे मो लाडला के हाथों उसे बेच दिया. जिसने लगभग दो वर्ष तक उस बच्ची को प्रताड़ित करते देह व्यापार करवाया. उसके बाद बिचौलिया मो लाडला ने उसे भारतीय नगर स्थित रेड लाइट इलाका निवासी अपने ससुर सिकंदर नट उर्फ सिराज नट के हाथों बेच दिया था.

बच्ची से पिछले लगभग चार वर्षों से देह व्यापार कराया जा रहा था. उसके बाद बच्ची वहां से किसी तरह निकलने में जुट गयी. किसी तरह सोमवार को मोबाइल मिलने पर उसने अपने फंसे होने और अपने से साथ हो रही घटना की सूचना डायल 112 को दी. जहां डायल 112 की पुलिस ने मामले की सूचना सदर थाना को दी. उसके बाद सदर थाना की पुलिस ने वरीय अधिकारी को मामले की सूचना देते छापेमारी कर उक्त बच्ची को बरामद कर लिया.

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बच्ची के माता पिता की खोज के लिए नेपाल पुलिस से हो रही बातचीत

मुख्यालय डीएसपी-1 ने बताया कि बच्ची सिर्फ पिता का ही नाम बता पा रही है. वे नेपाल बॉर्डर के आसपास अपना घर होना बता रही है. ऐसे में नेपाल के बीरगंज जिले के एसपी से उक्त बच्ची के माता-पिता की खोजबीन करने के लिए बातचीत हुई है. उन्हें जानकारी दी गयी है. बच्ची के माता-पिता की खोज की जा रही है. वहीं उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए नाबालिग आरोपी बच्चा को चाइल्ड हेल्पलाइन भेज दिया गया है. वहीं बच्ची को भी फिलहाल महिला हेल्पलाइन को सुपुर्द कर दिया गया है. साथ ही गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त और बिचौलिया सिकंदर नट उर्फ सिराज नट के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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