नगर में अब गंदे पानी का होगा वैज्ञानिक प्रबंधन, बनेगा एसटीपी व एफएसटी प्लांट

नगर परिषद क्षेत्र में अब गंदे पानी एवं जलजमाव की समस्या से लोगों को जल्द निजात मिलेगी.

जलजमाव से मिलेगी मुक्ति, खेती के लिए मिलेगा शुद्ध पानी

सिमरी बख्तियारपुर. नगर परिषद क्षेत्र में अब गंदे पानी एवं जलजमाव की समस्या से लोगों को जल्द निजात मिलेगी. स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत एक लाख से कम आबादी वाले निकायों में जल प्रबंधन सुदृढ़ करने की कवायद शुरू हो गयी है. इसके तहत नगर परिषद में यूज्ड वाटर मैनेजमेंट के तहत एसटीपी कम एफएसटी प्लांट का निर्माण किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए धरातल पर सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है. विभाग ने राज्य स्तर पर ओडिशा की एजेंसी मेसर्स इकोमेट्रिक्स कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है. एजेंसी की टीम शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर प्लांट निर्माण एवं पाइपलाइन कनेक्शन की वस्तुस्थिति का आकलन कर रही है.

दो हिस्सों में विकसित होगी परियोजना

जानकारी के अनुसार, शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते इस परियोजना को दो भागों में विकसित करने की योजना है. एक प्लांट रेलवे लाइन से बबूजना घाट तक के क्षेत्र को कवर करेगा. दूसरा प्लांट रेलवे लाइन के पश्चिम क्षेत्र के वार्डों को जोड़ते खमौती तक स्थापित किया जाएगा. दोनों प्लांटों के निर्माण के लिए अंचलाधिकारी से छह-छह एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.

डीपीआर के बाद होगी टेंडर प्रक्रिया

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने बताया कि एजेंसी द्वारा सर्वे पूरा किये जाने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी. उन्होंने बताया कि भूमि उपलब्धता के लिए अंचलाधिकारी से पत्राचार किया गया है एवं उन्होंने जल्द जमीन तलाश लेने का आश्वासन दिया है.

खेती के काम आएगा रिसाइकिल पानी

नगर सभापति प्रतिनिधि हसन आलम ने बताया कि यह बिहार सरकार की तरफ से शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात है. प्लांट बनने के बाद शहर के छोटे-बड़े नालों का पानी यहां लाया जाएगा. जिसे ट्रीटमेंट के जरिए शुद्ध किया जाएगा. इस पानी का उपयोग खेती एवं अन्य कार्यों में हो सकेगा. नगर उपसभापति प्रतिनिधि सह वार्ड पार्षद विकास कुमार विक्की ने कहा कि सिमरी बख्तियारपुर में जलजमाव एक पुरानी समस्या है. इस प्लांट के बनने एवं वैज्ञानिक तरीके से ड्रेनेज सिस्टम जुड़ने से बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव से शहरवासियों को काफी राहत मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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