अभद्र व्यवहार, भ्रष्टाचार बढ़ाने एवं दबाव बनाने का लगाया आरोप सलखुआ. प्रखंड की पंचायत समिति में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है. प्रखंड के उपप्रमुख बाबूलाल यादव के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है. इस संबंध में समिति के कई सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख को संयुक्त आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. सदस्यों द्वारा शुक्रवार को प्रखंड प्रमुख सरिता संगम को दिए गए आवेदन में उपप्रमुख पर कई गंभीर आरोप लगाए गये हैं. आरोप है कि उपप्रमुख द्वारा पंचायत समिति सदस्यों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है. इसके अलावा जनहित से जुड़ी योजनाओं में सदस्यों के सुझावों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया गया है. भ्रष्टाचार बढ़ाने एवं पद के दुरुपयोग का आरोप आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपप्रमुख के कार्यकाल के दौरान प्रखंड व अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है. सदस्यों का आरोप है कि उपप्रमुख अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास करते हैं तथा अन्य सदस्यों पर दबाव बनाकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं. इतना ही नहीं, विरोध करने वाले सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे पंचायत समिति के भीतर असंतोष का माहौल व्याप्त है. पंचायत समिति सदस्यों ने बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 की धारा 44 (3) उपखंड (IV) के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में पीयूष गोयल, नूतन कुमारी, चंदेश्वरी चौधरी, अजय कुमार, कुमारी इंदु रानी, रूपा कुमारी, रीता देवी एवं दीपक दास सहित कई अन्य सदस्य शामिल हैं. आवेदन की प्रतिलिपि कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, सलखुआ को भी भेजी गयी है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और आगे की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है.
उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदस्यों ने लगाये गंभीर आरोप
उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदस्यों ने लगाये गंभीर आरोप
