सुबह 11 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्र में सिर्फ 5-6 बच्चे, फल-पोषण आहार नहीं मिलने का आरोप

बिहार के नवहट्टा प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने की शिकायतों के बीच फर्जी हाजिरी दर्ज करने का आरोप लगा है.

Navhatta Anganwadi Centre: नवहट्टा. प्रखंड क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार और गुणवत्तापूर्ण पूर्व शिक्षा नहीं मिलने की शिकायत सामने आ रही है. बुधवार को कैदली पंचायत के पहाड़पुर स्थित मुस्लिम टोला में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 150 का जायजा लिया गया. यहां सुबह 11 बजे तक सिर्फ पांच-छह बच्चे मौजूद मिले. बच्चे केंद्र पर आपस में खेलते नजर आये. इस दौरान बच्चों को फल अथवा अन्य पौष्टिक आहार नहीं दिया गया था.

केंद्र की सेविका वीणा देवी और सहायिका पूजा कुमारी हैं. केंद्र की व्यवस्था को लेकर पंचायत की मुखिया जानकी कुमारी ने नाराजगी जतायी. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है. बाल विकास परियोजना कार्यालय की कथित लापरवाही के कारण बच्चों को मिलने वाले पोषण और शिक्षा की व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

ट्रैकिंग एप पर फर्जी उपस्थिति का आरोप

मुखिया जानकी कुमारी ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिदिन बच्चों की फर्जी उपस्थिति ट्रैकिंग एप पर दर्ज की जाती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक ही तस्वीर का इस्तेमाल कर कई महीनों तक योजनाओं का संचालन दिखाया जाता है.

मुखिया ने संबंधित अधिकारियों से आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने की मांग की है. उन्होंने सीडीपीओ, डीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार कराने का आग्रह किया है, ताकि केंद्रों पर बच्चों को निर्धारित पोषण और शिक्षा की सुविधा मिल सके.

दूध और फल की जगह सिर्फ बिस्किट देने का आरोप

मुखिया प्रतिनिधि कुंवर यादव ने कहा कि सेविकाओं से लगातार आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन करने और बच्चों को दूध, फल एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की मांग की जाती रही है. इसके बावजूद बच्चों को निर्धारित पोषण सामग्री नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को दूध और फल के स्थान पर सिर्फ दो-दो पीस बिस्किट दिये जाते हैं. उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण उपलब्ध कराना है. ऐसे में केंद्रों पर निर्धारित व्यवस्था का पालन होना जरूरी है.

सेविका के निजी काम में व्यस्त रहने का आरोप

कुंवर यादव ने आरोप लगाया कि बुधवार को केंद्र संख्या 150 की सेविका बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने घर में निजी काम करती नजर आयीं. इस मामले को लेकर मुखिया ने नाराजगी जतायी और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की.

मुखिया जानकी कुमारी ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वह जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगी. उन्होंने केंद्रों के नियमित संचालन, बच्चों की उपस्थिति और पोषण सामग्री वितरण की निगरानी की मांग की.

Navhatta Anganwadi Centre: एलएस से जवाब के लिए संपर्क का प्रयास

मामले में संबंधित पक्ष का जवाब जानने के लिए एलएस शालिनी कुमारी से मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. स्थानीय स्तर पर यह भी शिकायत है कि आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन अवधि में एलएस द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जाता है.

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अब औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी की मांग की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By राजेश डेंजिल

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं. मेरी रूचि राजनीति व समाज सेवा में है.

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