बाबा रामठाकुर धाम में होने वाले रामनवमी महोत्सव को पंचगछिया महोत्सव का दर्जा देने की मांग सत्तरकटैया. पंचगछिया गांव स्थित बाबा राम ठाकुर धाम में रामनवमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित रामनवमी महोत्सव को पंचगछिया महोत्सव का दर्जा देने की मांग तेज हो गयी है. इसको लेकर पंचगछिया पंचायत के मुखिया रौशन सिंह सहित प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों जनप्रतिनिधियों ने डीएम के नाम पत्र प्रेषित किया है. पत्र में वर्णित किया गया है कि बाबा रामठाकुर धाम पंचगछिया में अवस्थित मां भद्रकाली भगवती लगभग दो सौ वर्ष पूर्व नवहट्टा प्रखंड के शाहीडीह गांव के राजेश्वर स्थान में चिता भूमि से प्रकाट्य हुई थी. जिसे वृहतर पंचगछिया ग्रामवासियों ने बाबा रामठाकुर धाम लाकर प्राण प्रतिष्ठा के साथ अधिष्ठापित कर पूजा अर्चना शुरू की. सन 1944 ई में देश के कोने-कोने से एक से बढ़कर एक ऋषि मुनियों, साधू संतों एवं महात्माओं के द्वारा महा शतचंडी यज्ञ कर राम जन्मोत्सव की शुरुआत की गयी थी. तबसे लेकर आज तक पूरे धूमधाम से बाबा रामठाकुर धाम में राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. वर्तमान में भी विगत कई दशकों से वृहतर पंचगछिया के हजारों ग्रामवासियों द्वारा मां भद्रकाली भगवती के लिए रामनवमी पर्व के शुभ अवसर पर मुंगेर घाट से बाबा राम ठाकुर धाम तक सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर कांवर यात्रा के माध्यम से गंगा जल लाकर पूजा अर्चना की जाती है. मां भद्रकाली भगवती बृहतर पंचगछिया ग्रामवासियों के साथ-साथ कोसी प्रमंडल के लोगों के लिए आस्था और विश्वास का प्रतीक है. मालूम हो कि जब धर्म स्थल और सिद्ध स्थल की बात होगी तब महिषी अवस्थित मां तारा स्थान के बाद बाबा राम ठाकुर धाम में अवस्थित मां भद्रकाली दूसरी शक्ति पीठ के रूप में जानी जाती है. इतनी बड़ा शक्तिपीठ होने के बावजूद भी बाबा राम ठाकुर धाम में होने वाले रामनवमी पर्व को पंचगछिया महोत्सव का दर्जा नहीं मिलना, हम सभी वृहतर पंचगछिया ग्रामवासियों सहित जनप्रतिनिधियों के लिए काफी दुख का विषय है. जनप्रतिनिधियों ने बताया कि हाल ही में रामनवमी महोत्सव का उदघाटन करने आये डीएम दीपेश कुमार ने रामनवमी महोत्सव को पंचगछिया महोत्सव का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया था. लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
मां भद्रकाली कोसी प्रमंडल के लोगों के लिए आस्था और विश्वास का प्रतीक
पंचगछिया गांव स्थित बाबा राम ठाकुर धाम में रामनवमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित रामनवमी महोत्सव को पंचगछिया महोत्सव का दर्जा देने की मांग तेज हो गयी है
