जन जागरण शक्ति संगठन से जुड़े मनरेगा मजदूरों ने निकाली यात्रा बनमा ईटरही. शुक्रवार को जमालनगर पंचायत के लालपुर गांव से महात्मा गांधी की शहादत दिवस पर जन जागरण शक्ति संगठन से जुड़े मनरेगा मजदूरों ने प्रखंड में मनरेगा शव यात्रा निकाला है. इस शव यात्रा में प्रखंड के कई मनरेगा मजदूर शामिल हुए. शव यात्रा में मनरेगा बचाओ मजदूर बचाओ, जी राम जी जुमला है, मजदूरों पर हमला है जैसे नारे लगाये गये. शवयात्रा में शामिल मजदूर अखिलेश पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून खत्म कर दिया है. आज ही के दिन गांधी जी को गोली मार कर खत्म कर दिया गया था. इसलिए हमलोग आज मनरेगा शव यात्रा निकाल कर मजदूरों को मनरेगा के खात्मे की जानकारी दे रहे हैं. संगठन की सचिव सोहिनी ने कहा कि यह सरकार भ्रम फैला रही है कि अब 100 की जगह 125 दिन काम होगा. जब मनरेगा के तहत 50 दिनों का काम भी सरकार नहीं दे पायी तो 125 दिन कैसे दे पायेगी. दरअसल मनरेगा को खत्म कर जो नया कानून लाया गया है, वह एक जुमला है. इसके तहत काम के अधिकार को कुचल कर सरकार एक साधारण आपूर्ति आधारित स्कीम लागू कर रही है. जिसमें काम मिलना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि सबसे खतरनाक है कि अब केंद्र सरकार ने योजना का 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया है. बिहार जैसे गरीब राज्य को पहले से चार पांच गुना अधिक पैसा खर्च करना होगा, जो असंभव प्रतीत हो रहा है. इसलिए अब काम बहुत कम मिलेगा. मालूम हो कि मनरेगा के तहत मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र सरकार देती थी और पूरे खर्च का 90 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार ही देती थी. मौके पर गोविंद, गौतम, नीतू, सुहानी, अबरेल ने गीत और नारों के माध्यम से केन्द्रीय और राज्य सरकार से सवाल किया कि चुनाव के पहले जनता से बड़े बड़े वादे करके चुनाव जीतने के बाद वही सरकार क्यों गरीबों के पक्ष के कानून खत्म कर रही है. शव यात्रा के आयोजन में इंदु देवी, बिजली देवी, शलो देवी, मीरा देवी, जोगी सादा समेत अन्य ग्रामीणों ने अहम भूमिका निभाई.
महात्मा गांधी की शहादत दिवस पर निकाली गयी मनरेगा शव यात्रा
महात्मा गांधी की शहादत दिवस पर निकाली गयी मनरेगा शव यात्रा
