सहरसा से लाल बहादुर की रिपोर्ट:
पर्याप्त जमीन होने के बावजूद मेनहा की उपेक्षा का आरोप: पूर्व विधायक
सत्तर पंचायत स्थित महंथ सरयुग दास +2 उच्च विद्यालय मेनहा के मैदान और खादीपुर चबूतरा पर विपिन यादव की अध्यक्षता एवं सरोज यादव के संचालन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरुण कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि महंथ सरयुग दास +2 उच्च विद्यालय मेनहा के पास 23 एकड़ और उच्च माध्यमिक विद्यालय विशनपुर के पास 10 एकड़ सरकारी भूमि पहले से उपलब्ध है. राज्य सरकार के नियमों के अनुसार डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए मात्र पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है. इसके बावजूद महज दो कट्ठा जमीन वाले एक अन्य विद्यालय में कॉलेज की स्थापना कर दी गई, जो मेनहा जैसे बड़े और उपयुक्त क्षेत्र के साथ सरासर नाइंसाफी है.
पूर्वी भाग के गरीब और दलित बच्चे उच्च शिक्षा से हो रहे वंचित
व्यापार मंडल संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार ने प्रखंड की भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि सत्तरकटैया प्रखंड दो भागों में बंटा हुआ है. इसके पूर्वी भाग में अनुसूचित जाति, पिछड़ी और अतिपिछड़ी जाति के लगभग 90 प्रतिशत लोग निवास करते हैं. आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के कारण यहाँ के छात्र-छात्राएं दूर जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं और पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं. वहीं, राजद युवा प्रखंड अध्यक्ष विवेक कुमार रिंकू ने इस फैसले को गरीब, दलित और पिछड़ों के बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर रखने की एक बड़ी साजिश करार दिया और कहा कि इस उपेक्षा के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी.
‘संघर्ष समिति’ का गठन, मांग पूरी न होने पर उग्र प्रदर्शन की तैयारी
बैठक में शामिल सैकड़ों लोगों ने क्षेत्र की उपेक्षा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मेनहा में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को एक स्वर में दोहराया. सामूहिक सहमति से इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए “डिग्री कॉलेज स्थापना संघर्ष समिति” का गठन किया गया. समिति के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि इस मांग से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन बिहार के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और सुपौल/सहरसा के जिलाधिकारी (DM) को भेजा जाएगा. जनप्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो पूरे प्रखंड में उग्र जन-आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा.
बैठक में मुख्य रूप से मौजूद रहे ये गणमान्य
इस महाबैठक में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. मौके पर राजद नेता सुकुमार यादव, ब्रह्मदेव यादव, राजेंद्र यादव, शिव प्रसाद यादव, विष्णुदेव यादव, मनोज यादव, मंटुन यादव, अनिल यादव, शत्रुघ्न यादव, पप्पू यादव, पूर्व मुखिया संजीव राय, मुखिया प्रतिनिधि संजय साह, बिजेंद्र राम, चंदेश्वरी यादव, अरुण यादव सहित जदयू नेता सुरेश यादव, अरविंद यादव, नवीन राम, शंकर शशि और दर्जनों स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे.
