महिला संवाद बन रहा गांवों में उम्मीदों की नयी सुबह

महिला संवाद बन रहा गांवों में उम्मीदों की नयी सुबह

924 ग्राम संगठनों के दो लाख तीस हज़ार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग सहरसा . जिले के गांवों में एक नयी शुरुआत हो रही है. इस परिवर्तन का आधार महिला संवाद बना है. एक ऐसा अभियान जिसने सरकारी योजना से आगे बढ़कर एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है. महिला संवाद की यह यात्रा अब 924 ग्राम संगठनों तक पहुंच चुकी है. इनसे जुड़ी दो लाख तीस हज़ार से अधिक महिलाएं ना केवल श्रोता हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की सशक्त वाहक बन गयी हैं. यह केवल संख्या नहीं है, बल्कि हर आंकड़ा एक प्रेरक कहानी का हिस्सा है. कहानियां उन महिलाओं की जिन्होंने चुप रहना छोड़ा व अब अपने अधिकारों व नेतृत्व के लिए खड़ी हो रही हैं. जिले के 24 स्थानों पर सोमवार को महिला संवाद सत्र आयोजित किया गया. जिनमें छह हजार से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी दी. यह आयोजन किसी साधारण सभा से कहीं बढ़कर सामुदायिक चेतना के उत्सव बन गया. यहां महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किया, सपनों को शब्द दिया एवं एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाया है. इस पूरी प्रक्रिया में तकनीक ने एक अहम भूमिका निभाई है. मोबाइल संवाद रथ 12 डिजिटल इकाइयां हर गांव में पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रेरक कहानियां एवं महिलाओं के अनुभव साझा कर रही हैं. एलईडी स्क्रीन पर प्रसारित सामग्री ने इन संवादों को सिर्फ़ ज्ञानवर्धक ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक भी बना दिया है. महिला संवाद में उठे सवाल अब व्यक्तिगत समस्याएं नहीं रह गयी. पेंशन में कटौती क्यों, कॉलेज इतने दूर क्यों, सड़कों पर रोशनी कब आएगी यह सवाल अब सामाजिक बदलाव की नींव बन रहे हैं. महिलाएं केवल समस्याओं को उजागर नहीं कर रहीं, बल्कि नीति निर्माण में भागीदारी की राह भी खोल रही हैं. महिला संवाद की सबसे बड़ी ताकत इसकी निरंतरता एवं गहराई है. हर सुझाव एवं हर विचार को डिजिटली रिकॉर्ड कर नीति निर्माताओं तक पहुंचाया जा रहा है. यह पहल ज़मीन से उपजी समस्याओं को नीतिगत समाधान तक पहुंचाने का माध्यम बन चुकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >