Saharsa News: सहरसा. बिहार स्टेट मदरसा एवं संस्कृत टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले गुरुवार को गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. संगठन ने छह माह से लंबित वेतन का अविलंब भुगतान कराने की मांग करते हुये कहा कि जांच के नाम पर वेतन रोके जाने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
छह माह से वेतन भुगतान नहीं होने का आरोप
एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज कुमार, सचिव श्याम कुमार पाठक एवं सचिव अकील अहमद ने बताया कि राज्य के गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का वेतन पिछले छह माह से जांच प्रक्रिया के नाम पर लंबित है. इससे हजारों परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं.
परिवार के भरण-पोषण पर पड़ा असर
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमित वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज, बैंक ऋण की किस्त जमा करने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं. लंबे समय तक वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है.
शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
ज्ञापन में कहा गया कि आर्थिक संकट का असर शिक्षकों के कार्य पर भी पड़ सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. संगठन ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकालने की अपील की.
मुख्यमंत्री से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप की मांग
Saharsa News: एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के छह माह से लंबित वेतन का अविलंब भुगतान सुनिश्चित कराया जाए. संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी.
