कोसी तटबंध से नागालैंड राजभवन तक का सफर, नवहट्टा के कुंदन कुमार ने रचा इतिहास

Saharsa News: सितली गांव के कुन्दन कुमार ने विपरीत परिस्थितियों में नागालैंड राजभवन में जगह बनाई है. उनकी यह सफलता न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे कोसी तटबंध क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है.

Saharsa News: जहां बरसात में सड़कें कीचड़ में डूब जाती हैं, शिक्षा और संसाधनों की कमी आज भी बड़ी चुनौती है, वहीं उसी इलाके के एक युवा ने अपनी मेहनत के दम पर ऐसी सफलता हासिल की है, जिसकी चर्चा पूरे कोसी क्षेत्र में हो रही है. सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के सितली गांव निवासी कुंदन कुमार का चयन नागालैंड के कोहिमा स्थित लोक भवन (गवर्नर हाउस) में हुआ है. उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे कोसी तटबंध क्षेत्र का मान बढ़ा दिया है.

सीमित संसाधनों से बड़ी सफलता तक का सफर

नवहट्टा प्रखंड की डरहार पंचायत के सितली गांव निवासी बैजनाथ प्रसाद यादव के छोटे पुत्र कुंदन कुमार ने कठिन परिस्थितियों के बीच यह मुकाम हासिल किया है.

कोसी तटबंध के भीतर बसे इस इलाके में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. बरसात के मौसम में गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है और छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

ऐसे माहौल में कुंदन ने कठिनाइयों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा.

नागालैंड के लोक भवन में हुआ चयन

संघर्षों से भरे लंबे सफर के बाद कुंदन कुमार का चयन नागालैंड की राजधानी कोहिमा स्थित लोक भवन (गवर्नर हाउस) में हुआ है.

यह खबर सामने आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. परिजनों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर इस सफलता का जश्न मनाया.

ग्रामीणों का कहना है कि कुंदन ने सिर्फ अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे नवहट्टा प्रखंड, सहरसा जिले और कोसी तटबंध क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है.

संघर्ष की कहानी से युवाओं को मिला नया संदेश

कुंदन की सफलता को ग्रामीण एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि संसाधनों की कमी के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवा भी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगे.

सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को

अपनी सफलता पर कुंदन कुमार ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को दिया.

उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में परिवार का विश्वास और लगातार मिला सहयोग उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना.

कुंदन ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जीवन में चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं, लेकिन मेहनत, लगन और धैर्य कभी नहीं छोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है.

Saharsa News: कोसी तटबंध क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण

कुंदन कुमार की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती.

कोसी तटबंध जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र से निकलकर नागालैंड राजभवन तक पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादे और निरंतर मेहनत किसी भी मंजिल को हासिल कर सकते हैं.

ग्रामीणों का मानना है कि कुंदन की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और क्षेत्र के युवाओं में बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास जगाएगी.

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लेखक के बारे में

By राजेश डेंजिल

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं. मेरी रूचि राजनीति व समाज सेवा में है.

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