बिहार की कानून-व्यवस्था पर जन सुराज का हमला: जमुई घटना पर किशोर कुमार बोले- 'राजनीति छोड़ तुरंत हो कार्रवाई

जमुई में नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ बदसलूकी का वायरल वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया है. इस घटना पर जन सुराज पार्टी के नेता किशोर कुमार ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. आम लोगों में खौफ का माहौल है.

Jamui Minor Student Viral Video Case: बिहार के जमुई जिले से सामने आए एक सनसनीखेज वीडियो ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है. दो मासूम नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ बीच राह हुई बदसलूकी और मारपीट की तस्वीरों ने हर संवेदनशील दिल को तार-तार कर दिया है. जैसे ही यह शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया की गलियों में आग की तरह फैला, वैसे ही बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर आम लोगों के मन में डर और गुस्सा एक साथ फूट पड़ा. इस दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल बेटियों और बच्चों की सुरक्षा के सरकारी दावों की पोल खोल दी है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक नया और प्रचंड उबाल ला दिया है.

सहरसा में गरजी जन सुराज, पूर्व विधायक ने सरकार को घेरा

जमुई की इस घिनौनी वारदात पर जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है. सहरसा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बिहार में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. किशोर कुमार ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जब सरेआम सार्वजनिक स्थानों पर नाबालिग बच्चों और छात्राओं के साथ इस तरह का हैवानियत भरा बर्ताव होने लगे, तो फिर कानून का खौफ कहां रह जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ एक अपराध भर नहीं है, बल्कि यह राज्य में आम नागरिकों के भरोसे पर कुठाराघात है.

पीड़िता की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच पहली प्राथमिकता

राजनीतिक बयानबाजी से इतर इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक और मानवीय पहलू उन दो नाबालिग पीड़ितों का डर है. किशोर कुमार ने जोर देकर कहा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलने के बजाय पीड़ितों को न्याय दिलाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. जब ऐसे वीडियो वायरल होते हैं, तो पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों पर जो मानसिक आघात पहुंचता है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सबसे पहले पीड़ित छात्र-छात्रा की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वे किसी दबाव या खौफ के बिना अपनी बात कह सकें.

अतीत की दुहाई देने के बजाय तय हो आज की जवाबदेही

जन सुराज नेता ने सरकार की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब भी कोई बड़ी घटना घटती है, तो जिम्मेदार लोग अपनी नाकामियां छिपाने के लिए अतीत की परिस्थितियों की दुहाई देने लगते हैं. उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों को पलटकर आज के अपराधों को सही ठहराना या उनसे पल्ला झाड़ना बिल्कुल भी जायज नहीं है. जनता ने वर्तमान सरकार को शासन चलाने का जनादेश दिया है, इसलिए जवाबदेही भी आज के हुक्मरानों को ही लेनी होगी. किशोर कुमार ने इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे तक की मांग कर डाली.

आम लोगों में खौफ का माहौल और प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल

जमुई से लेकर सहरसा तक इस घटना का गहरा स्थानीय प्रभाव देखने को मिल रहा है. आम अभिभावक अब अपने बच्चों को स्कूल-कोचिंग भेजने में भी हिचकिचा रहे हैं. जब तक सरेराह गुंडागर्दी करने वालों के मन में पुलिस और कानून का डर नहीं बैठेगा, तब तक समाज में सुरक्षा का माहौल नहीं बन सकता. किशोर कुमार ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए कागजी वादों से इतर जमीन पर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं.

Jamui Minor Student Viral Video Case: सभी आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग, आगे क्या होगा

इस पूरे मामले में अब सबकी नजरें जमुई पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं. जन सुराज नेता ने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर इस मामले में जरा सी भी ढिलाई बरती गई या लीपापोती करने की कोशिश हुई, तो जन सुराज पार्टी चुप नहीं बैठेगी और आम जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी. अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से शिकंजा कसता है.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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