Saharsa Bridge Diversion Collapse: नवहट्टा (सहरसा). प्रखंड क्षेत्र के कासिमपुर-डुमरा मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के समीप बनाया गया अस्थायी डायवर्सन तेज बहाव में पूरी तरह बह गया है. डायवर्सन ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और क्षेत्र का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है.
वैकल्पिक मार्ग से करनी पड़ रही लंबी यात्रा
डायवर्सन बह जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय आने-जाने के लिए सुपौल जिले के नुनुपट्टी अथवा बकौर होकर कोसी पूर्वी तटबंध के रास्ते लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. इससे आम लोगों के साथ-साथ छात्रों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
निर्माणाधीन पुल के पास बना था अस्थायी डायवर्सन
जानकारी के अनुसार शाहपुर से कासिमपुर ब्राह्मण टोला चेनज के समीप उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण अवधि के दौरान आवागमन बनाए रखने के लिए अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था. लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण यह डायवर्सन क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह बह गया.
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय पैक्स अध्यक्ष राजू यादव ने पुल निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि संवेदक द्वारा निर्माण कार्य मनमाने ढंग से कराया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्थायी डायवर्सन भी निर्धारित मानकों के अनुरूप मजबूत तरीके से नहीं बनाया गया, जिसके कारण पहली ही बड़ी बारिश और तेज बहाव में वह बह गया.
ग्रामीणों ने जांच और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की
Saharsa Bridge Diversion Collapse: स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही पुल निर्माण कार्य और डायवर्सन की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है. ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र समाधान नहीं होने पर क्षेत्र के लोगों की परेशानियां और बढ़ेंगी.
ये भी पढ़ें: मेमू ट्रेन अग्निकांड की जांच तेज, लखनऊ, झाझा और बंगाल से पहुंचीं विशेषज्ञ टीमें
