सहरसा . सदर विधायक व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ आलोक रंजन ने बिहार विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्न काल के दौरान सहरसा में स्वीकृत संत कारू खिरहर संग्रहालय भवन निर्माण कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति का मुद्दा उठाया. उन्होंने प्रश्न के दौरान सरकार से कहा कि सहरसा जिला के मत्स्यगंधा परिसर में वर्तमान में मौजूद संग्रहालय भवन काफी जर्जर है व सुरक्षा का पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. उन्होंने अपने मंत्री काल में सहरसा में बंद पड़े संग्रहालय को फिर से चालू कराया था व नये संग्रहालय भवन के लिए स्वीकृति दी थी. जिलाधिकारी के पत्रांक द्वारा संग्रहालय भवन निर्माण के लिए 72.65 डिसमिल भूमि उपलब्ध करायी गयी. जिसके बाद आजतक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी गयी. उन्होंने बिहार विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से इसकी प्रशासनिक स्वीकृति के लिए सरकार से आग्रह किया. सरकार ने अपने उत्तर में कहा कि बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के पत्रांक द्वारा जी प्लस दो संग्रहालय भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ 79 लाख 39 हजार रुपया का तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन प्रशासनिक स्वीकृति के लिए विभाग को उपलब्ध करायी गयी है. प्रशासनिक स्वीकृति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. विधायक डॉ आलोक रंजन ने बताया कि सहरसा पुरातात्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल है. जहां कई जगह खुदाई के दौरान काफी पुराने मूर्ति व पूर्व के अवशेष मिले हैं. जिसे सुरक्षित करने के लिए कोई पर्याप्त स्थल नहीं है. इसके परिप्रेक्ष्य में उन्होंने यहां नये संग्रहालय भवन के निर्माण की स्वीकृति दी थी. विभाग द्वारा इसे जल्द ही प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कराया जायेगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
