सहरसा से आशीष कुमार सिंह की रिपोर्ट: प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर प्रधानाध्यापक अब खुद बेहद गंभीर हो गए हैं. बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और पोषाहार से युक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानाध्यापकों द्वारा स्वयं इसकी निगरानी की जा रही है.
प्रधानाध्यापकों की देखरेख में परोसा जा रहा भोजन
शनिवार को प्रखंड के कई स्कूलों में इस संबंध में विशेष सतर्कता देखी गई:
- मध्य विद्यालय खुरेशान: यहाँ प्रधानाध्यापक मो. रिजवान अहमद की सीधी देखरेख में बच्चों को भोजन परोसा गया.
- प्राथमिक विद्यालय रसलपुर पूर्वी: यहाँ भी प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने खुद खड़े रहकर बच्चों को भोजन कराया.
महिषी की घटना से लिया सबक
मध्य विद्यालय खुरेशान के प्रधानाध्यापक मो. रिजवान अहमद ने बताया कि हाल ही में जिले के महिषी प्रखंड में मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी के कारण सैकड़ों बच्चे बीमार हो गए थे. इस दुखद घटना से सबक लेते हुए अब विद्यालय में भोजन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों को ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले, इसके लिए वे रसोई में भोजन बनने से लेकर बच्चों की थाली में परोसे जाने तक हर प्रक्रिया की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
सुरक्षा और स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता
वहीं, प्राथमिक विद्यालय रसलपुर पूर्वी के प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है. प्रतिदिन उनकी देखरेख में ही भोजन का वितरण किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या परेशानी की गुंजाइश न रहे. साफ-सफाई के मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है.
