भगवान और भक्त का साथ कभी नहीं छूटता है

भगवान और भक्त का साथ कभी नहीं छूटता है

श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन काफी संख्या में कथा श्रवण को पहुंचे श्रद्धालु सिमरी बख्तियारपुर . प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चकभारो गांव स्थित राम जानकी ठाकुरबाड़ी में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे. अयोध्या से पहुंचे कथावाचक शशि भूषण महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जो सत्य के रास्ते पर चलता है, वह रास्ता एक दिन ना एक दिन भगवान द्वारा तक जरूर पहुंचता है. भगवान और भक्त का साथ कभी नहीं छूटता है. अगर आज और अभी से भगवान की साधना करें तो भगवान अभी खड़े होंगे. उन्होंने कहा कि हमारे चाहने से कुछ नहीं होता है, जो भगवान चाहते हैं वही होता है. महाराज ने कहा कि इच्छा की पूर्ति कभी नहीं होती है. आवश्यकता अनुसार ही मनुष्य को अपनी पूर्ति करनी चाहिए, तभी संतोष मिलेगा. कर्म के अनुसार ही मनुष्य को फल मिलता है. प्रवचन के बाद भगवान श्री कृष्ण के जन्म प्रसंग पर चर्चा हुई. अपने प्रवचन में शशि भूषण महाराज ने राजा बलि और भगवान के प्रसंग पर भी प्रवचन किया. उनके भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे. उन्होंने कहा कि भागवत कथा का अगर कोई श्रवण कर ले तो मनुष्य का जीवन पहले दिन से ही परिवर्तन होने लगता है. भागवत कथा वेद रूपी वृक्ष का पका हुआ फल है जो भागवत कथा का रस एक बार पी लिया उसका जीवन हमेशा के लिए धन्य हो गया. फिर प्रभु भक्त छोड़कर उस व्यक्ति को किसी चीज में मन नहीं लगता. भागवत कथा में महंत मिथलेश दास महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भागवत कथा प्रारंभ से पहले जो बैठता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है. सत्य कर्म पर चलने वाला मनुष्य को सब कुछ प्राप्त होता है. इस दौरान परमेश्वर दास महाराज ने भी प्रवचन में अपनी बात कही. इस मौके पर आयोजनकर्ता महंत रघुवर दास महाराज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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