सही जानकारी, सेवाएं व सुविधाएं समय पर हों प्राप्त

सही जानकारी, सेवाएं व सुविधाएं समय पर हों प्राप्त

सतत जीविकोपार्जन योजना विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न सहरसा . जीविका कर्मियों के लिए आयोजित स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता का सतत जीविकोपार्जन योजना के साथ एकीकरण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को सफल समापन हुआ. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जीविका के सतत जीविकोपार्जन योजना से जुडे अत्यंत गरीब परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता सेवाओं से जोड़ते उनकी आजीविका व जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना था. इस प्रशिक्षण का संचालन प्रबंधक स्वास्थ्य एवं पोषण सुनील कुमार ने किया. सतत जीविकोपार्जन योजना बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है. जिसका लक्ष्य अत्यंत गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना व उन्हें गरीबी रेखा से बाहर निकालना है. जीविका, एसजेवाई परिवारों को बहुवैकल्पिक आजीविका अवसर उपलब्ध कराते क्रमिक वृद्धि कार्य योजना के आधार पर गरीबी से उबारने का समेकित प्रयास कर रही है. इस योजना के तहत लाभार्थी परिवारों को ना केवल विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है. बल्कि उन्हें सरकार के लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों से भी लाभान्वित किया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सामान्यतः स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर बना देती हैं. बीमार होने पर उपचार के लिए गरीब परिवार अक्सर अपनी परिसंपत्तियां बेचने पर मजबूर हो जाते हैं. जिससे वे बार-बार गरीबी के दुष्चक्र में फंस जाते हैं. इस स्थिति से बचाने के लिए आवश्यक है कि उन्हें समय पर सही जानकारी, सेवाएं एवं सुविधाएं प्राप्त हो. जीविका पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य कर रही है. जिसके तहत स्वयं सहायता समूह की दीदियों को इन विषयों पर जागरूक किया जा रहा है. अब इस अनुभव एवं संरचना का उपयोग करते सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत आने वाले परिवारों को भी स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं, पोषण योजनाओं एवं स्वच्छता सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है. प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एसजेवाई परिवारों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए नियमित जागरूकता सत्र, सामुदायिक बैठकें, पोषण आहार पर परामर्श, शौचालय निर्माण एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता जैसे प्रयास किये जाएंगे. साथ ही इन परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, पोषण मिशन, टीकाकरण एवं मातृ-शिशु देखभाल सेवाओं से जोड़ा जायेगा. जिससे उनकी स्वास्थ्य-सुरक्षा सुनिश्चित हो एवं वे आर्थिक रूप से और मजबूत बन सके.

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By Dipankar Shriwastaw

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