Mahishi Model Schoo : महिषी प्रखंड के प्लस टू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गंडोल को अब 'सरस्वती विद्या निकेतन' मॉडल स्कूल के रूप में नई पहचान मिल गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्यस्तरीय वर्चुअल उद्घाटन के बाद विद्यालय में स्थानीय स्तर पर फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर कार्यक्रम आयोजित किया गया.
गंडोल विद्यालय बना सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल
महिषी क्षेत्र के प्लस टू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गंडोल को 'सरस्वती विद्या निकेतन' मॉडल स्कूल के रूप में प्रोन्नत किया गया है. रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह से प्रदेश के 551 प्रोन्नत विद्यालयों का दीप प्रज्ज्वलित कर एवं रिमोट के माध्यम से वर्चुअल उद्घाटन किया. विद्यालय सभागार में शिक्षक, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों ने उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण देखा.
स्थानीय स्तर पर हुआ उद्घाटन समारोह
राज्यस्तरीय कार्यक्रम की समाप्ति के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभय कुमार, स्थानीय मुखिया राकेश रौशन चौधरी एवं समाजसेवी राजकुमार सिंह बम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा शिलापट्ट का अनावरण कर मॉडल विद्यालय का स्थानीय स्तर पर उद्घाटन किया. इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
700 विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का लाभ
प्रधानाध्यापक अभय कुमार ने कहा कि उच्च विद्यालय गंडोल का मॉडल स्कूल के रूप में चयन पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है. उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में 700 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है. कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी कराई जाएगी तैयारी
प्रधानाध्यापक ने बताया कि योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की भी बेहतर तैयारी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें.
शिक्षक और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में शिक्षक चंदन कुमार, सरोज कुमार साह, राय रौशन कुमार, पारसमणि झा, सुमंत यादव, मो. शोएब कलीम, कल्पना जायसवाल, विनय कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. सभी ने विद्यालय को मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
