शराबियों व जुआरियों का अड्डा बनकर रह गया बाढ़ आश्रय स्थल

शराबियों व जुआरियों का अड्डा बनकर रह गया बाढ़ आश्रय स्थल

सहरसा: पतरघट में सरकारी स्तर पर लोगों को बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों रुपये की लागत से जगह-जगह बाढ़ आश्रय स्थल एवं पशु शरण स्थली का निर्माण कार्य कराया गया था. लेकिन जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया वह धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ दिया. लोगों में जागरूकता का अभाव कहें या प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता के कारण अभी वर्तमान स्थिति में बाढ़ आश्रय स्थल एवं पशु शरण स्थली पर स्थानीय दबंगों का कब्जा बना हुआ है.

कुछ बाढ़ आश्रय स्थल पर शाम ढलते ही बदमाशों एवं नशेड़ियों का कब्जा हो जाता है. जिस कारण यह भवन पीड़ितों के लिए बेकार साबित हो रहा है. क्षेत्र के पस्तपार पंचायत स्थित सखुआ बस्ती बहियार, पामा बहियार, भद्दी बहियार, धबौली पश्चिम पंचायत स्थित टेमा टोला बहियार, किशनपुर सुरमाहा बस्ती में बने बाढ़ आश्रय स्थल तक पहुंचने के लिए कोई सड़क भी नहीं है. इसी का फायदा स्थानीय दबंग उठाते हैं.

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By Prabhat khabar news desk

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