Saharsa Train Fire Investigation: सहरसा. समस्तीपुर-सहरसा 63344 पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग की घटना की जांच तेज कर दी गई है. बुधवार को लखनऊ, पश्चिम बंगाल और झाझा से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने दिनभर जले हुए कोच से साक्ष्य और नमूने एकत्र करने का कार्य किया. रेलवे के विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है.
पूरी तरह जल चुका है कोच, साक्ष्य जुटाना बना चुनौती
रेल अधिकारियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि कोच के अंदर लगी एयर टंकी, बिजली आपूर्ति प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरण पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए. ऐसे में जांच टीम को उपयोगी नमूने और साक्ष्य जुटाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
20 से 25 विशेषज्ञ कर रहे हैं तकनीकी जांच
करीब 20 से 25 विशेषज्ञों की टीम जले हुए कोच के विभिन्न हिस्सों को काटकर और अलग-अलग पुर्जों की जांच कर रही है. टीम राख और क्षतिग्रस्त उपकरणों से ऐसे नमूने एकत्र कर रही है, जिनके आधार पर आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने
रेलवे सूत्रों के अनुसार घटनास्थल से एकत्र किए गए नमूनों को फोरेंसिक एवं तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा जाएगा. रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी थी.
सुरक्षित बचे कोच भेजे गए सोनपुर मेमू शेड
आग से सुरक्षित बचे अन्य कोचों को विस्तृत तकनीकी परीक्षण के लिए सोनपुर मेमू शेड भेज दिया गया है. समस्तीपुर मंडल से लेकर रेलवे मुख्यालय तक के अधिकारी पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं.
सोमवार को हुई थी भीषण घटना
Saharsa Train Fire Investigation: गौरतलब है कि सोमवार अहले सुबह सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर 63344 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के इंजन और एक कोच में भीषण आग लग गई थी. घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी, हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. फिलहाल पूरे मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच जारी है.
