हर व्यक्ति के व्यक्तित्व में अंतर निहित क्षमताएं होती है अलग-अलगः डॉ अरूण जयसवाल

हर व्यक्ति के व्यक्तित्व में अंतर निहित क्षमताएं होती है अलग-अलगः डॉ अरूण जयसवाल

गायत्री शक्तिपीठ में व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का हुआ आयोजन सहरसा. गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को व्यक्तित्व परिष्कार सत्र संपन्न हुआ. इस मौके पर विशेष अतिथि नफीसा, सैफुदीन, मैडगास्कर अफ्रीका, अविजार मौरवी गुजरात, असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स संदीप कुमार मेहता, शालिनी कुमारी कलकत्ता, राजेश रंजन अमर दिल्ली, मुरारी कुमार, प्रिया सिन्हा बंगलौर से मौजूद थे. सभी मौजूद अतिथियों का तिलक लगाकर सम्मान किया गया. फिर सभी ने पूज्य गुरुदेव, वंदनीय माता व गायत्री माता की श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की. इस सत्र को संबोधित करते ट्रस्टी डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि परिवार, समाज या संगठन के सभी व्यक्तियों में संवेदनशीलता, बौद्धिकता व व्यवहार कुशलता एक जैसी हो सकती है. उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, बौद्धिकता व व्यवहार कुशलता ये गुण व्यक्ति के व्यक्तित्व की क्षमताओं में गिने जाते हैं. मनुष्य के व्यक्तित्व की क्षमताओं में अंतर निहित होते हैं. हर व्यक्ति का व्यक्तित्व अलग होता है. हर व्यक्ति के व्यक्तित्व में अंतर निहित क्षमताएं भी अलग-अलग होती हैं. सभी व्यक्तियों के अपने अलग-अलग संस्कार भी होते हैं. व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए हर व्यक्ति को प्रयत्न करना चाहिए व एक-दूसरे का सहयोगी होना चाहिए. हम सभी को विशेषकर बच्चों की पर्सनालिटी ग्रूमिंग पर ध्यान देना चाहिए. उनको बताना चाहिए, सिखाना चाहिए. नफीसा व उनके पति सैफुद्दीन मेडागास्कर अफ्रीका से आये थे. उन्होंने कहा कि यह हमारे घर जैसा लगता है. इसलिए दूसरी बार आए हैं. इंशा अल्लाह जल्दी ही फिर आयेंगे. इसके पहले डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि गायत्री परिवार का नारा है मानव मात्र एक समान, एक पिता की सब संतान आज यहां शक्तिपीठ में चरितार्थ हो रहा है. उनके चचेरे भाई अबीजार जो मोरबी गुजरात से आये ने कहा कि वे तो पहली बार आये हैं. दो दिनों से यहां रुके हैं बहुत अच्छा लगा. दिल्ली के राजेश कुमार ने कहा कि मातृभूमि की सेवा नवरात्रि करने जैसा है. असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स कलकत्ता से पत्नी शालिनी के साथ आये संदीप कुमार मेहता ने कहा कि पहली बार आना हुआ है. यहां का वातावरण बहुत पवित्र है. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते कहा कि हमने धैर्य पूर्वक तैयारी की तो यहां तक पहुंच पाये हैं. आप सब भी धैर्य पूर्वक तैयारी करने का प्रयास करें. बंगलौर से प्राकृतिक चिकित्सा कराने अपनी पत्नी प्रिया के साथ आये मुरारी कुमार ने कहा कि यहां आना सौभाग्य की बात है.

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By Dipankar Shriwastaw

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