बिना अनुमति के काट दिया हरे भरे दर्जनों वूक्ष

बिना अनुमति के काट दिया हरे भरे दर्जनों वूक्ष

शिकायत पर वन विभाग के पदाधिकारियों ने की स्थलीय जांच सोनवर्षाराज. पड़रिया पंचायत स्थित काशनगर धार तक कच्ची सड़क बनाने के दौरान दर्जनों वृक्षों को बिना अनुमति के काटकर अवैध रूप से बेच दिए जाने की शिकायत पर वन विभाग के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक जांच पड़ताल की. मामले को लेकर वृक्षों को काटकर अवैध रूप से बेचे जाने को लेकर पंचायत की मुखिया सुलेखा देवी ने वन प्रमंडल को आवेदन देकर ग्रामीणों पर आरोप लगाया था. जांच पड़ताल के दौरान पंसस उमेश मिस्त्री सहित अन्य ने बताया कि कच्ची सड़क जिस सरकारी भूमि पर बनाई जा रही थी, वह जमीन गांव के ही मिथिलेश साह व अवधेश साह के कब्जे में थी. जैसे ही सड़क बनाए जाने की कवायद प्रारंभ हुई, उसने उक्त जमीन पर लगे वृक्षों को व्यापारियों के हाथों बेच दिया तथा कुछ वृक्ष अपने दरवाजे पर जमा कर रखा था. लेकिन जैसे ही वन विभाग को मुखिया द्वारा आवेदन देने की खबर फैली, उसने अपने दरवाजे पर रखे कटे वृक्ष की लकड़ियों को अन्यत्र हटा दिया. ऐसे में वृक्ष काटने में पड़ड़िया के कई लोगों पर लगे आरोपों के सघन जांच की आवश्यकता है. क्योंकि बिना अनुमति के हरे भरे वृक्षों को काटना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. हालांकि मुखिया ने वृक्ष काटने के लेकर गांव के दिनेश राम, पंसस उमेश मिस्त्री, राहुल सिंह, अशोक मिस्त्री एवं ललन साह पर आरोप लगाया था. बताते चलें कि काशनगर धार के पूर्वी उत्तरी कछार पर स्थित बिहार सरकार की जमीन पर सीओ द्वारा पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए एनओसी दी गयी थी. लेकिन वहां तक आने जाने के लिए अस्थायी कच्ची सड़क निर्माण कार्य के दौरान वृक्षों को बिना अनुमति के काट कर बेच दिया गया था.

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By Dipankar Shriwastaw

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