सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आईसीडीएस (ICDS) एवं मिशन शक्ति के तहत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस दौरान जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर पर आंकड़ों की प्रविष्टि और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में बरती जा रही ढिलाई पर गहरी नाराजगी जताई. बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार सहित विभाग के तमाम जिला और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे.
पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि का निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पोषण ट्रैकर पोर्टल पर सभी सेवाओं की प्रविष्टि शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रतिदिन खुलने की ऑनलाइन उपस्थिति (FRS) हर हाल में दर्ज होनी चाहिए. इसके साथ ही लाभुकों के चेहरे के सत्यापन की प्रक्रिया में सुधार लाने और अतिकुपोषित (SAM) बच्चों के आंकड़ों को पूरी सटीकता के साथ अपलोड करने का निर्देश दिया.
गलत आंकड़ा दर्ज करने वाली सेविकाओं पर गिरेगी गाज
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा बच्चों की वृद्धि और स्वास्थ्य संबंधी गलत आंकड़े दर्ज किए गए हैं. जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए महिला पर्यवेक्षिकाओं को स्वयं अतिकुपोषित बच्चों का भौतिक सत्यापन करने और सही जानकारी पोर्टल पर अपलोड कराने का जिम्मा सौंपा. उन्होंने सभी सीडीपीओ (CDPO) को निर्देश दिया कि वे महिला पर्यवेक्षिकाओं की रैंकिंग तैयार करें और खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें.
योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर
बैठक में महिला एवं बाल विकास निगम के कर्मियों को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अगले माह होने वाली बैठक में फिर से गहन समीक्षा की जाएगी और यदि सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. बैठक में कार्यपालक अभियंता एलएईओ, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला मिशन समन्वयक और लैंगिक विशेषज्ञ समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहे.
