डीएम ने की स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महिषी, नवहट्टा, सौरबाजार, पतरघट एवं सोनवर्षा स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में होगा विकसित
सहरसा. समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक का आयोजन जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में किया गया. बैठक में सात निश्चय पार्ट थ्री के तहत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महिषी, नवहट्टा, सौरबाजार, पतरघट एवं सोनवर्षा को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसको लेकर प्रारंभिक स्तर पर इन सभी स्वास्थ्य संस्थानों का गैप असेसमेंट कर राज्य को भेजा जा चुका है.
कम प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख व संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश
समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को जिलाधिकारी ने सुधारात्मक आवश्यक दिशा निर्देश दिया. सर्वप्रथम भाव्या पोर्टल की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि राज्य स्तर से किये गये रैंकिंग में जिला का स्थिति काफी संतोषप्रद नहीं है. वर्तमान में जिला 11वें पायदान पर है. सदर अस्पताल में मरीजों के ऑनलाइन कंसल्टेशन में कार्य संतोषप्रद नहीं है. महिषी एवं नवहट्टा का भी प्रदर्शन काफी असंतोषप्रद है. इसके अतिरिक्त कम प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख एवं संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण के लिए निर्देशित किया. साथ ही भाव्या कार्यक्रम के अन्य इंडिकेटर पर भी आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया. इसके अतिरिक्त जिले के सभी संस्थानों की साफ सफाई, मरीजों के स्वच्छ पानी पीने के लिए आरओ की व्यवस्था, दवा की उपलब्धता, मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते सेवा भावना से कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने जिले में चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी सभी कार्यक्रम पदाधिकारी से ली एवं आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया.
चिकित्सकों को ससमय ड्यूटी करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए सभी संस्थानों को दिया निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित संस्थाओं के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को ओपीडी में कमी वाले संस्थान को इसमें सुधार लाने के लिए निर्देशित किया. वहीं चिकित्सकों को ससमय ड्यूटी करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए सभी संस्थानों को निर्देशित किया. एएनसी गुणवत्तापूर्वक करने एवं भाव्या पोर्टल का रिव्यू कर उसमें सुधार करने के लिए मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया. साथ ही निर्देशित किया कि जो मरीज अस्पताल में ओपीडी में दिखाने आते हैं, उन्हें निबंधन के बाद अविलंब चिकित्सक द्वारा देख लिया जाये एवं दवा ससमय उपलब्ध हो जाये. अनावश्यक विलंब ना हो, इसे सुनिश्चित करें, जिससे एवरेज जर्नी टाइम एवं एवरेज वेटिंग टाइम में आवश्यक सुधार लाया जा सके. जिले में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करे.
जांच संबंधी विवरणी को स्वास्थ्य संस्थान में प्रदर्शित करें : जिलाधिकारी
स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ ही नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ, आशा स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करे इसे सुनश्चित करें. उन्होंने टीकाकरण, मातृत्व स्वस्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, वेक्टर जनित रोग, गैर संचारी रोग, संस्थागत प्रसव, अस्पताल में प्रसव से जुड़े सेवाओं को सुदृढ़ करने, हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों का संचालन, आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का डाटा संधारण एवं अन्य रिपोर्टिंग कार्य में आवश्यक सुधार के लिए निर्देशित किया. सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विभाग द्वारा निर्धारित जांच संबंधी विवरणी को स्वास्थ्य संस्थान में प्रदर्शित करने के लिए निर्देशित किया, जिससे आम नागरिक को संस्थान में कितने प्रकार की जांच होती है, इसकी जानकारी हो सके. टेलीमेडिसिन की उपलब्धि को असंतोषजनक मानते इसकी उपलब्धि और बढ़ने एवं सुधार के लिए निर्देशित किया. आयुष्मान भारत कार्यक्रम के समीक्षा के क्रम में पाया गया कि सभी स्वास्थ्य संस्थान अधिक से अधिक टीएमएस का कार्य करें. मौके पर सिविल सर्जन डॉ राजनारायण प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, योजना समन्वयक, डीसीएम, अनुश्रवण पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक के अलावा प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
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