सहरसा : उद्योगों की स्थापना, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग केंद्र की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, भारत सरकार के डिस्ट्रिक्ट बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन, सिंगल विंडो प्रणाली को सुदृढ़ बनाने तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की समीक्षा की गई.
सात कार्यदिवस में तैयार होगी कार्ययोजना
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों की स्थापना, विस्तार, आधुनिकीकरण, मशीनीकरण तथा विभिन्न लाइसेंस एवं अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए सात कार्यदिवस के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराएं.
ऑनलाइन सेवाओं और शिकायत निवारण पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि निवेशकों एवं उद्यमियों को ऑनलाइन सेवाएं, समयबद्ध अनुमतियां, प्रभावी शिकायत निवारण, भूमि एवं संपत्ति अभिलेखों का डिजिटलीकरण तथा संपत्ति पंजीकरण सेवाओं में सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में निवेश का बेहतर माहौल तैयार हो सके.
बैंकों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना के साथ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र आवेदकों को लक्ष्य के अनुरूप शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश बैंकों एवं संबंधित विभागों को दिया गया. साथ ही उद्यमियों की रोजगार एवं ऋण संबंधी सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया.
बैठक में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन, जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार वरणवाल, जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार, श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार, कारखाना निरीक्षक, जिला अवर निबंधक, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मुकेश कुमार, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय एवं जिला प्रबंधक, ब्रेडा के सहायक परियोजना अभियंता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
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