खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश विस्थापित

खुले आसमान के नीचे रहने पर विवश विस्थापित

रेल द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराये जाने पर विस्थापितों पर टूटा कहर सीओ पुष्पांजलि कुमारी ने कहा, कई को जल्द ही मिलेगा जमीन का पर्चा सलखुआ . अंचल क्षेत्र के कचौत में रेल द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान में विस्थापित सैकड़ों महादलित एवं अतिपिछड़ा परिवार खुले आकाश के नीचे रात गुजारने को विवश हैं. विगत 20 वर्षों पूर्व से कोसी के विनाश लीला का शिकार सभी परिवार कचौत गांव के सामने रेलवे की जमीन पर गुजर बसर कर रहे थे. सोमवार को रेल द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान में सबों की झोपड़ी तोड़ साफ कर दिया गया. विस्थापितों के समक्ष दूसरा कोई विकल्प नहीं रहने के कारण उनलोगों ने सीओ के पास जा कर गुहार लगायी. सीओ पुष्पांजलि कुमारी ने बताया कि अभी भूमिहीनों को घर बनाने के जमीन दी जायेगी. सीओ राजस्व कर्मचारी वरुण कुमार के साथ मौके पर पहुंच कई को सम्हारखुर्द पंचायत में भिरखी जाने को कहा. जहां

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >