सहरसा-दरभंगा सीमा क्षेत्र की लाखों आबादी की आस्था के केंद्र बच्चेश्वरनाथ महादेव मंदिर, पुनाच में सावन की तीसरी सोमवारी पर सैकड़ों कांवरियों ने जलाभिषेक किया. शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना की. इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा.
एक दशक से जारी है कांवर यात्रा
पिछले एक दशक से सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिंह उर्फ बम के संयोजन में क्षेत्र के बहरामपुर, पुनाच, रही टोल, गंडोल, बघवा सहित सीमावर्ती गांवों के सैकड़ों शिवभक्त सिमरिया घाट पहुंचते हैं. वहां स्नान कर गंगाजल भरने के बाद करीब 110 किलोमीटर की पैदल कांवर यात्रा कर बच्चेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं. इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने कांवर यात्रा में हिस्सा लिया.
13 अगस्त को सिमरिया घाट से निकले थे कांवरिये
कांवर यात्रा के संयोजक राजकुमार सिंह ने बताया कि 13 अगस्त को कांवरिये सिमरिया घाट से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा पर निकले थे. यात्रा के दौरान रामपुर, मव्वी, सिंघिया एवं बजरंग चौक में रात्रि विश्राम किया. इसके बाद अहले सुबह बच्चेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक किया.
शिवभक्तों ने बताया कि बाबा बच्चेश्वरनाथ के दरबार में सच्ची श्रद्धा से मांगी गयी हर मनोकामना पूर्ण होती है. कोसी और कमला नदी की विभीषिका के बावजूद बाबा की कृपा से क्षेत्र में धन-धान्य की कमी नहीं रहती है. जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा.
कांवर यात्रा में वनमाला सिंह, चिंतामणि साह, कार्तिक सिंह, वरुण साह, मदन मुखिया सहित सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए.
