सिमरी बख्तियारपुर. पंजाब में धान रोपनी के मौसम की शुरुआत होते ही कोसी एवं सीमांचल क्षेत्र से बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है. इसका असर इन दिनों ललितग्राम-पटना राज्यरानी एक्सप्रेस में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. रविवार को भी ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ रही. स्थिति यह रही कि कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा, जबकि रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रही. जानकारी के अनुसार, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर पंजाब के भटिंडा सहित अन्य इलाकों में धान रोपनी कार्य के लिए रवाना हो रहे हैं. अधिकांश मजदूर पहले राज्यरानी एक्सप्रेस से पटना पहुंचते हैं. वहां से वे आनंद विहार जाने वाली ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली पहुंचते हैं और फिर दिल्ली से पंजाब के विभिन्न जिलों के लिए प्रस्थान करते हैं.
टिकट काउंटर पर लगी लंबी कतार
रविवार को सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की काफी भीड़ देखी गयी. टिकट लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही. भीड़ अधिक होने के कारण कई यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ा. कुछ यात्री जल्दबाजी में बिना टिकट ही पटना जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए.
सामान्य कोचों में क्षमता से अधिक यात्री
राज्यरानी एक्सप्रेस के सामान्य कोचों में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सफर करते नजर आए. ट्रेन के दरवाजों और गलियारों तक में यात्रियों की भीड़ दिखायी दी. यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी और कई लोगों ने पूरे सफर के दौरान खड़े होकर यात्रा की.
बेहतर मजदूरी के लिए करते हैं पलायन
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष धान रोपनी के मौसम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में मजदूर पंजाब एवं हरियाणा का रुख करते हैं. वहां बेहतर मजदूरी और रोजगार के अवसर मिलने के कारण मजदूर खेती के इस महत्वपूर्ण सीजन में बाहर जाना पसंद करते हैं. इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिलता है.
रेलवे से अतिरिक्त कोच लगाने की मांग
अचानक बढ़ी यात्रियों की संख्या रेलवे प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गई है. यात्रियों ने रेलवे से राज्यरानी एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच लगाने तथा टिकट काउंटरों पर व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और बिना टिकट यात्रा जैसी समस्याओं पर भी रोक लग सकेगी.
