सैटेलाइट टाउनशिप और लैंड पुलिंग नीति पर एमएलसी ने उठाए सवाल, किसानों की चिंता बताई जायज

Satellite Township Bihar : बिहार सरकार की सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह किसानों की आजीविका और पहचान पर गहरा असर डालेगी. यह योजना ग्रामीण समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है.

Satellite Township Bihar : एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार 10 जिलों के 11 स्थानों पर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बना रही है. इसके लिए हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को लैंड पुलिंग नीति के माध्यम से लेने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार इसे स्वैच्छिक और विकासोन्मुखी योजना बता रही है, लेकिन किसानों के बीच आशंका है कि इससे उनकी जमीन बड़े रियल एस्टेट समूहों और कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में चली जाएगी.

'जमीन केवल संपत्ति नहीं, किसान की पहचान है'

डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि जमीन किसान के लिए केवल संपत्ति नहीं होती, बल्कि उसकी आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, पहचान और आने वाली पीढ़ियों का आधार होती है. उनका कहना था कि जब खेती पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में किसानों की कृषि भूमि लेकर नए शहर बसाने की योजना ग्रामीण समाज के लिए चिंता का विषय है.

'विकास किसके लिए और किसकी कीमत पर?'

विधान परिषद सदस्य ने कहा कि किसानों का विरोध केवल मुआवजे का मुद्दा नहीं है. यह खेती, खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है. उन्होंने सवाल उठाया कि विकास का लाभ आखिर किसे मिलेगा और इसकी कीमत कौन चुकाएगा. उनके अनुसार किसानों की जमीन लेकर विकास की अवधारणा पर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है.

किसानों का आंदोलन हो रहा व्यापक

डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि यदि विकास का अर्थ किसानों को उनकी जमीन से अलग कर कॉरपोरेट हितों के लिए भूमि उपलब्ध कराना है, तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना किसानों का अधिकार है. उन्होंने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन नहीं देने का किसानों का नारा अब व्यापक किसान आंदोलन का रूप लेता जा रहा है और यह संघर्ष बिहार के कृषि भविष्य तथा ग्रामीण समाज की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है.


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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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