सत्तरकटैया (सहरसा). प्रखंड की पुरीख पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय पुरीख में बुनियादी सुविधाओं और कमरों के भारी अभाव के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं. विद्यालय में भेड़-बकरी की तरह ठंसकर बैठने के कारण बच्चे अक्सर बीमार हो जाते हैं, जिससे उनका स्कूल आने का मन नहीं करता.
43 शिक्षकों के सामने सिर्फ 8 कमरों की चुनौती
वर्ग एक से 12वीं (प्लस टू) तक संचालित इस विद्यालय में वर्तमान में कुल 11 सौ (1100) बच्चे नामांकित हैं. इतने बड़े विद्यालय में कमरों की कुल संख्या मात्र 10 है. इनमें से:
- कार्यालय (ऑफिस): 2 कमरे
- पठन-पाठन (क्लास रूम): 8 कमरे
इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए कुल 43 शिक्षक, 9 रसोई कर्मी तथा अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं. लेकिन पर्याप्त बुनियादी ढांचा न होने से शिक्षकों और छात्रों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जमीन मिलने के बाद भी नहीं बना प्लस टू भवन
विद्यालय की छात्रा सोनाक्षी और सोनम कुमारी ने बताया कि उत्क्रमित उच्च विद्यालय के नए भवन के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व ही जमीन दान में दे दी गई थी. जमीन उपलब्ध होने के बावजूद विभाग द्वारा अब तक प्लस टू का भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है, जिसके कारण उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
छात्रों ने किया प्रदर्शन, जदयू नेता ने दिया आश्वासन
शनिवार को विद्यालय के बच्चों ने अपनी समस्याओं और नए भवन निर्माण की मांग को लेकर स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. बच्चों ने जिलाधिकारी (डीएम) से जल्द से जल्द नया भवन बनवाने की गुहार लगाई है. मामले की जानकारी मिलते ही जदयू नेता रंजीत कुमार सिंह बबलू विद्यालय पहुंचे. उन्होंने आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से बात कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना. उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर समस्या को जिला पदाधिकारी (डीएम), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), स्थानीय विधायक और सांसद के संज्ञान में लाकर भवन निर्माण का कार्य जल्द शुरू कराने का प्रयास करेंगे.
