सहरसा में NH-327E और NH-107 पर बुलडोजर एक्शन, 299 लोगों को अंतिम चेतावनी

Bulldozer Action In Saharsa : अगर आप सहरसा में राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते हैं, तो आने वाले दिनों में सड़क किनारे का नजारा बदल सकता है. जिला प्रशासन ने एनएच-327ई और एनएच-107 को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. 299 लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है और अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 30 जून तक सभी चिन्हित अतिक्रमण हटा दिए जाएंगे.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Bulldozer Action In Saharsa : सहरसा में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 327ई और 107 को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और जिला प्रशासन के आदेश के आलोक में शुरू हुए इस अभियान के तहत रविवार से अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गयी है. प्रशासन का कहना है कि 299 लोगों को पहले ही नोटिस देकर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद अब सख्त कार्रवाई की जा रही है. यह अभियान 30 जून तक लगातार चलेगा.

आखिर क्यों शुरू करना पड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान?

सहरसा से गुजरने वाले एनएच-327ई और एनएच-107 जिले की लाइफलाइन माने जाते हैं. इन मार्गों से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. लेकिन सड़क किनारे अवैध कब्जे, अनियंत्रित पार्किंग और अस्थायी दुकानें यातायात में बाधा बन रही थीं.

स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि कई जगहों पर सड़क सिकुड़ गयी है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है. इसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा था. इसी को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया.

299 लोगों को पहले ही दिया गया था नोटिस

जिला प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले 299 लोगों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था. उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया गया.

हालांकि निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद कई लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया. इसके बाद प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की है.

प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

अभियान के दौरान संबंधित अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थानाध्यक्ष समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.

कार्रवाई अंचल अधिकारी और थाना पुलिस की निगरानी में की गयी. पूरे अभियान की मॉनिटरिंग जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग द्वारा की जा रही है.

होटल, ढाबा और कारोबारियों को भी सख्त निर्देश

जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे संचालित होटल, ढाबा, धर्मकांटा, निर्माण सामग्री विक्रेताओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी सख्त निर्देश जारी किया है.

प्रशासन ने कहा है कि किसी भी स्थिति में वाहनों को सड़क पर खड़ा नहीं किया जाए. सभी प्रतिष्ठान अपने परिसर के अंदर ही पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि राजमार्ग पर यातायात सुचारु बना रहे.

Bulldozer Action In Saharsa: अतिक्रमण हटने से क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयेगी और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित होगा.

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस अभियान के बाद लंबे समय से जाम और अव्यवस्था की समस्या से राहत मिलेगी.

प्रशासन ने दी अंतिम चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक सभी चिन्हित अतिक्रमण हटाये जाएंगे. साथ ही लोगों से अपील की गयी है कि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर कब्जा न करें.

जिन लोगों ने अब तक स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए प्रशासन ने स्वयं अतिक्रमण हटाने की सलाह दी है. अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में बनेगा 800 MW का नया पावर प्लांट, बिजली संकट होगा दूर, जानें पूरा प्लान

बिहार में अगले 72 घंटे मूसलाधार बारिश और वज्रपात का अलर्ट, पटना समेत कई जिलों में बिगड़ेगा मौसम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >