रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार में महिलाओं और छात्राओं के लिए विशेष महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा का भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य सह भाजपा नेता मेजर डॉ. गौतम कुमार ने स्वागत किया है. उन्होंने इसे बिहार की बहनों और बेटियों के लिए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी फैसला बताते हुए मुख्यमंत्री तथा एनडीए सरकार के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि महिला विश्वविद्यालय की स्थापना से छात्राओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और अनुकूल वातावरण मिल सकेगा.
रक्षाबंधन पर बहनों को मिला शिक्षा का बड़ा उपहार
मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बिहार की बहनों को अनमोल उपहार दिया है. उन्होंने कहा कि महिला विश्वविद्यालय की घोषणा सरकार की महिला शिक्षा और सशक्तीकरण के प्रति गंभीरता को दर्शाती है.
उन्होंने विशेष रूप से इस बात को महत्वपूर्ण बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय में चपरासी से लेकर कुलपति तक सभी पदों पर महिलाओं की भागीदारी होगी. उनके अनुसार, यह व्यवस्था महिलाओं को नेतृत्व और रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का अवसर दे सकती है.
महिला शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में महिला शिक्षा की स्थिति में सुधार लंबे समय से महत्वपूर्ण चुनौती रहा है. सरकार की ओर से छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. ऐसे में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.
उन्होंने कहा कि अलग विश्वविद्यालय होने से छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए विशेष शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और शिक्षा के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.
शिक्षा से शोध और प्रशासन तक बेटियों को मिलेगा मंच
मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कहा कि महिला विश्वविद्यालय बिहार की बेटियों को शिक्षा, शोध, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर देगा. सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने से छात्राएं अपने करियर को लेकर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी.
उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का संस्थान नहीं होगा, बल्कि बिहार की बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन सकता है. महिला शिक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में यह निर्णय आने वाले समय में बिहार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
