कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता आज के समय की है आवश्यकता : प्रधानाचार्य

एनएसएस इकाई एसएनएसआरकेएस कॉलेज द्वारा डिजिटल युग में तकनीकी समाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता सप्ताह का शुभारंभ किया गया.

By Dipankar Shriwastaw | January 13, 2026 6:46 PM

एसएनएसआरकेएस कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता सप्ताह का हुआ शुभारंभ

सहरसा. एनएसएस इकाई एसएनएसआरकेएस कॉलेज द्वारा डिजिटल युग में तकनीकी समाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता सप्ताह का शुभारंभ किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य छात्रों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी अवधारणाओं, उपयोगों एवं चुनौतियों से परिचित कराना है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते प्रधानाचार्य प्रो डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता आज के समय की आवश्यकता है. हम इसके सकारात्मक एवं नैतिक उपयोग को समझ ले तो यह समाज के विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है. एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ आर्य सिंधु ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ज्ञान भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता सप्ताह का उद्देश्य छात्र छात्राओं में एआइ को लेकर जागरूकता बढ़ाना है, जिससे वे तकनीक का सही, सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग कर सके.

डॉ अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि आज के दौर में एआइ को समझना उतना ही जरूरी है जितना पढ़ना लिखना. सही ज्ञान के साथ यह तकनीक समाज को नयी दिशा दे सकती है. प्रो सुधांशु शेखर ने कहा कि छात्र केवल तकनीक के उपभोक्ता नहीं बने, बल्कि जिम्मेदार एवं सजग उपयोगकर्ता बनें. कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सही ज्ञान ही डिजिटल भारत की मजबूत नींव है. इस अवसर पर डॉ संजय कुमार सिंह, डॉ अवधेश मिश्रा, डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ रामनरेश पासवान, डॉ प्रमोद कुमार सिंह, डॉ लीना कुमारी, डॉ रंजय सिंह, डॉ सुभाष कुमार, डॉ नृपेंद्र सिन्हा, डॉ मनोज विद्यासागर, डॉ अभय पाठक सहित अन्य शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक कुमार सिंह, गणेश, पूजा, चंचल, साधना, आदित्य, सुमन, खुशबू, अन्नू व अन्य मौजूद थे.

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