एलपीजी गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर वितरकों के साथ हुई बैठक सहरसा . जिलाधिकारी की निर्देश के आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में गुरुवार को मध्यम पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में कमी होने की आशंका के मद्देनजर सर्तकता बरतने को लेकर समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में जिले के सभी एलपीजी वितरक एवं पंप संचालकों ने भाग लिया. बैठक में वर्तमान परिस्थिति को देखते अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जीविका, जेल, मिड डे मिल, एससीएसटी छात्रावास, बाल संरक्षण ईकाई, पुलिस लाईन को कॉमर्शियल के स्थान पर डोमेस्टिक गैस सिलिंडर देने के लिए सभी संबंधितों को निदेशित किया. समीक्षा के क्रम में गैस एजेंसी के क्षेत्रीय प्रबंधक एचपीसीएल, बीपीसीएल, आईओसीएल को कॉमर्शियल सिलिंडर की भी व्यवस्था कराने के लिए निदेशित किया. बैठक में मौजूद स्थानीय गैस एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि इस विकट परिस्थिति में गैस वितरण में कठिनाई हो रही है व वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इसके लिए जिला प्रशासन की और से गैस वितरण कराने के लिए दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की मांग की. जिसके आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कराने का भरोसा दिया. वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कहीं भी अवैध भंडारण व कालाबाजारी पर रोक लगाने को लेकर जिलाधिकारी दीपेश कुमार के निर्देश पर सभी प्रखंडों में धावादल का गठन किया गया है. जो इस पर परी तरह निगरानी रखेंगे. साथ ही कहीं से भी इसकी सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि जिले के कई महत्वपूर्ण सरकारी एवं सामाजिक सुरक्षा संस्थान जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित सुरक्षित स्थान एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, कारागार, अस्पताल, जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई कार्यरत हैं. इन संस्थानों में आवासित बच्चे, किशोर, मरीजों एवं अन्य लाभार्थियों के भोजन तैयार करने के लिए एलपीजी गैस की अनिवार्य आवश्यकता होती है. व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में अवरोध उत्पन्न होने से इन अति आवश्यक सेवाओं के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है. ऐसे में संबंधित तेल कंपनियां अपने स्थानीय वितरकों के माध्यम से इन विशिष्ट सरकारी संस्थाओं को आवश्यकता अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करें. यह आपूर्ति गैस सब्सिडी श्रेणी के तहत की जायेगी.
कालाबाजारी रोकने को लेकर धावादल का किया गया गठन
कालाबाजारी रोकने को लेकर धावादल का किया गया गठन
