डीआर टीबी मरीज को जीविकोपार्जन के लिए दिया गया 45 हजार का किराना किट

क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत शनिवार को डेमियन फाउंडेशन इंडिया ट्रस्ट द्वारा डीआर (ड्रग रेसिस्टेंट) टीबी से जूझ रहे मरीज को आजीविका उपार्जन के लिए 45 हजार रुपये मूल्य का किराना दुकान किट प्रदान किया गया.

आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सहरसा. क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत शनिवार को डेमियन फाउंडेशन इंडिया ट्रस्ट द्वारा डीआर (ड्रग रेसिस्टेंट) टीबी से जूझ रहे मरीज को आजीविका उपार्जन के लिए 45 हजार रुपये मूल्य का किराना दुकान किट प्रदान किया गया. यह पहल मरीजों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. किराना दुकान का उद्घाटन संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुशील कुमार आजाद ने किया. उन्होंने कहा कि डीआर टीबी मरीजों के लिए उपचार के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास भी बेहद आवश्यक है. जिससे वे बिना किसी बाधा के अपना जीवन नए सिरे से आगे बढ़ा सके. कार्यक्रम में एसटीएस राजीव कुमार, काउंसलर सुजाता कुमारी, सत्यम कुमार, डीआईएफटी के टीबी कोऑर्डिनेटर प्रदीप कुमार व सीएसडब्लू कुंदन कुमार मौजूद थे. सभी अधिकारियों ने मरीज को नई आजीविका की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि डेमियन फाउंडेशन द्वारा दी जा रही यह सहायता कई परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है. वहीं लाभार्थी मरीज जो सहरसा जिले के निवासी हैं, ने उपचार के दौरान मिली सहायता और आजीविका सपोर्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग व डेमियन फाउंडेशन को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि यह दुकान मेरे परिवार की आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेगी और उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीने की नई उम्मीद देगी. साथ ही मौके पर उपस्थित टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को पूरा करने हेतु सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया.

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Published by: Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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