बदलते मौसम में शुरू है वायरल अटैक

फीवर, गला खराब व डायरिया जैसे बीमारियों से रहे बचकर सहरसा नगर : इन दिनों कोसी के इलाके में मौसम का मिजाज चुनावी मीटर की तरह ही पल पल बदल रहा है. सुबह की ताजी ठंडी हवा दोपहर होते होते गरम लगने लगती है. इसके अलावा दिन ढ़लते ही हल्की ठंड भी महसूस होने लगती […]

फीवर, गला खराब व डायरिया जैसे बीमारियों से रहे बचकर

सहरसा नगर : इन दिनों कोसी के इलाके में मौसम का मिजाज चुनावी मीटर की तरह ही पल पल बदल रहा है. सुबह की ताजी ठंडी हवा दोपहर होते होते गरम लगने लगती है. इसके अलावा दिन ढ़लते ही हल्की ठंड भी महसूस होने लगती है. मौसम का रुख देखे बिना ही बच्चों से लेकर बड़े उम्र तक के लोग अनियमित जीवन जीने लगे हैं. धूप में चलकर घर पहुंचते ही पंखा, कूलर व एसी चलाये बिना रहा नहीं जाता है. लेकिन इस मौसम में लापरवाही कई बीमारियों को आमंत्रण दे रही है.
गरमी में डायरिया
डॉ विमल कुमार कहते हैं कि अचानक मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से बच्चों में डायरिया की शिकायत बढ़ जाती है. इसकी मुख्य वजह शरीर में पानी का कम होना है. डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए. इसके अलावा ताजा फलों का जूस भी बच्चों को पिलाया जा सकता है.
चिकन पॉक्स का खतरा
चिकित्सक डॉ विनय कुमार सिंह कहते हैं कि फरवरी से मई महीने तक चिकन पॉक्स का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर बताते हैं कि चिकन पॉक्स के प्रसार की मुख्य वजह गंदगी ही होती है. गंदगी में होने वाले संक्रमण से बीमारी तेजी से फैलती है. शरीर पर लाल दाने दिखने पर डॉक्टर से दिखाना चाहिए. स्कूली बच्चों को लेकर अभिभावक को सजग रहने की आवश्यकता है.

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