हथियार नहीं, महौल से सुरक्षित होंगे डॉक्टर

डॉक्टरों ने माना मरीज व डॉक्टरों के संबंध में आयी है गिरावट सहरसा : शहर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध के क्रम में स्थानीय डॉक्टरों के रोड मार्च और हथियार मुहैया करवाने की बाबत लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है. स्थानीय एक क्लीनिक में इलाज करा रहे कुछ मरीजों ने जहां डॉक्टर और […]

डॉक्टरों ने माना मरीज व डॉक्टरों के संबंध में आयी है गिरावट

सहरसा : शहर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध के क्रम में स्थानीय डॉक्टरों के रोड मार्च और हथियार मुहैया करवाने की बाबत लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है. स्थानीय एक क्लीनिक में इलाज करा रहे कुछ मरीजों ने जहां डॉक्टर और मरीज पर तल्ख टिप्पणी की, वहीं कुछ विशेष डॉक्टरों का नाम लेकर उनका व्यवहार सही नहीं रहने, इलाज के क्रम में जांच आदि पर अत्यधिक पैसे खर्च कराने समेत भयादोहन का भी आरोप लगाया. इसके साथ ही आइसीयू जैसी सुविधा पर जबाव देते हुए कहा कि कुछ घंटो में हजारों रुपये फीस लग जाते हैं, फिर आखिरी समय में मरीज को रेफर करने की परंपरा सी बन गयी है.
अधिकतर केसों में ऐसा होने पर डॉक्टर के प्रति परिजनों का आक्रोश होना लाजमी है. फिर भी पूछे गये प्रश्नों के उत्तर में डॉक्टरों से मांगी गयी रंगदारी को गलत बताया गया और सामूहिक रूप से प्रशासन से इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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